सौरव गांगुली © CricketCountry
सौरव गांगुली © CricketCountry

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में अपनी कांस्य की प्रतिमा का अनावरण किया। आठ फीट लंबी इस प्रतिमा को विकास मैदान में रखा गया है। गांगुली के स्वागत के लिए यहां हजारो फैंस की भीड़ जमा थी जो ‘दादा-दादा’ चिल्लाकर उनका अभिवादन कर रही थी। गांगुली ने इस प्रतिमा के साथ ली अपनी तस्वीर को ट्विटर पर पोस्ट किया। इस प्रतिमा को सिलीगुड़ी के सुशांत पाल ने बनाया है। पाल ने आईएएनएस को बताया कि वह इससे पहले कभी भी गांगुली से नहीं मिले थे।

गांगुली पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। बीसीसीआई की सलाहकार समिति के सदस्य गांगुली टीम इंडिया के नए कोच की नियुक्ति को लेकर चर्चा में थे। हाल ही में रवि शास्त्री को टीम का नया मुख्य कोच बनाया गया है, साथ ही राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए बल्लेबाजी सलाहकार और जहीर खान को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है। हालांकि खबरें हैं कि शास्त्री जहीर की जगह भरत अरुण को गेंदबाजी कोच बनाना चाहते हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांगुली ने कहा, “नहीं, चयन पूरी तरह से एकमत था। हमने सबसे सही शख्स को चुना है। विराट के परामर्श से हमने सबसे अच्छे व्यक्ति को चुना है।” [ये भी पढ़ें: महिला विश्व कप 2017: टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 186 रनों से रौंदा, सेमीफाइनल में बनाई जगह]

गांगुली के मुताबिक विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच के विवाद को सही से संभाला नहीं गया था। उन्होंने कहा, “कुंबले और कोहली के बीच का विवाद और बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। इसे ठीक तरीके से संभाला नहीं गया था।”