मैदान पर सिर्फ खिलाड़ी का प्रदर्शन मायने रखता है, वही दिलाता है उसे पहचान: Sachin Tendulkar
सचिन तेंदुलकर @sachin_rtTwitter

दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी को उसकी बैकग्राउंड नहीं बल्कि उसका प्रदर्शन पहचान दिलाता है. मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘जब भी हम ड्रेसिंग रूप में एंट्री करते हैं तो वास्तव में यह मायने नहीं रखता कि आप कहां से आए हैं. आप देश के किस हिस्से से आए हैं और आपका किससे क्या संबंध है? यहां सभी के लिए समान स्थिति होती है.’

दुनिया के सर्वकालिक महान क्रिकेटरों में शुमार तेंदुलकर ने क्रिकेट के कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. साल 2013 में उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 200वां टेस्ट खेलने के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया था. उन्होंने ‘अनएकेडमी’ का ब्रांड एंबेसडर बनने के बाद पीटीआई-भाषा से वर्चुअल बातचीत में कहा, ‘खेल में मैदान पर आपके प्रदर्शन के अलावा किसी अन्य चीज को मान्यता नहीं मिलती है.’

47 वर्षीय तेंदुलकर ने कहा कि खेल नई पहल से लोगों को एकजुट करता है. उन्होंने कहा, ‘आप एक व्यक्ति के रूप में वहां हैं. ऐसा व्यक्ति जो टीम में योगदान देना चाहता है. हम यही तो करना चाहते हैं, अपने अनुभवों को साझा करना करना. विभिन्न स्कूलों और बोर्ड का हिस्सा होने के नाते मैं अलग-अलग तरह के कोचों से मिलता हूं. मैं स्वयं बहुत कुछ सीखता हूं और ये वे अनुभव हैं, जिन्हें मैं साझा करना चाहता हूं.’

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की सलाह दी. तेंदुलकर ने कहा, ‘अपने सपनों का पीछा करते रहें, सपने सच होते हैं. कई बार हमें लगता है कि अब कुछ नहीं हो सकता लेकिन ऐसा कभी नहीं होता, इसलिए अतिरिक्त प्रयास करें और आप अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे.’ इस मौके पर सचिन ने अपने स्वर्गीय पिता रमेश तेंदुलकर को भी याद किया, जो प्रोफेसर थे.

बता दें तेंदुलकर के फैन्स को क्रिकेट मैदान पर अब उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर से बेहतर प्रदर्शन की आस है. 21 वर्षीय अर्जुन हाल ही में पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपना पदार्पण करके पहली बार मुंबई की सीनियर टीम में खेले थे और अब उन्हें इस साल आईपीएल में पहली बार मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम के लिए चुना है.