श्रीलंका टीम © Getty Images
श्रीलंका टीम © Getty Images

चैंपियंस ट्रॉफी में हारने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों की मुसीबतें बढ़ती जा रहीं हैं। अभी टीम के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा पर बैन की खबर आई ही थी कि अब श्रीलंका की सरकार ने खिलाड़ियों को लगभग धमकी देते हुए कहा है कि अगर टीम के खिलाड़ी 3 महीने में फिट नहीं होते तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा। सरकार ने ये फैसला जिम्बाब्वे सीरीज से पहले लिया है। टीम चुनने के दौरान ये महसूस किया गया कि ज्यादातर खिलाड़ी फिट नहीं हैं और इसके बाद ही सरकार ने खिलाड़ियों को ये धमकी दी है। ये भी पढ़ें: भारत को विश्व कप दिलाने वाले कोच ने दिया बड़ा बयान

श्रीलंका के खेल मंत्री दयासिरी जयासेकारा ने कहा, ”किसी भी खिलाड़ी की फिटनेस संतोषजनक नहीं है लेकिन इस बार मैंने कड़ा फैसला लेने का मन बनाया है।” आपको बता दें कि फिटनेस टेस्ट में ज्यादातर खिलाड़ी अनफिट पाए गए हैं। कई खिलाड़ियों का वजन ज्यादा है और उनकी फिटनेस अंतरराष्ट्रीय खेल के स्तर की नहीं पाई गई। श्रीलंका के खेल मंत्री ने पहले भी खिलाड़ियों की फिटनेस पर सवाल उठाए थे। चैंपियंस ट्रॉफी के करो या मरो के मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों हारने के बाद जयासेकारा ने कहा था कि खिलाड़ियों के अनफिट होने की वजह से ही टीम पाकिस्तान के खिलाफ हारी ।

जयासेकारा के इस बयान के बाद मलिंगा ने उनपर निशाना साधा था और कहा था कि ”जिन्हें खेल की कोई जानकारी नहीं होती वो इस तरह की बयानबाजी करते हैं। लोग तो कुछ भी कहते रहते हैं, लेकिन मैदान पर आप होते हैं और आपको वहां पर हालात के मुताबिक फैसले लेने होते हैं।”

मलिंगा ने आगे कहा, ”हम 5 बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचे हैं। लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं। मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने खेल के लिए क्या किया है। हमने जब भारत को हराया तो सब ठीक था उस समय किसी को हमारी फिटनेस नहीं दिखाई दी। जैसे ही हम हारे हमारे ऊपर सवाल खड़े होने लगे। उनके ऊपर उंगली उठती उससे पहले उन्होंने हमारे ऊपर ये बेबुनियाद आरोप लगा दिया।”

आपको बता दें कि खेल मंत्री दयासिरी ने कहा था कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े और इसी की वजह से टीम को पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो के मैच में हार मिली। खेल मंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया कि क्रिकेटरों को आर्मी जैसी ट्रेनिंग देनी चाहिए जिससे वो फिट रह सकें।