एंजलो मैथ्यूज © AFP
एंजलो मैथ्यूज © AFP

मैदान में दर्शकों के द्वारा बोतलें फेंके जाना, चयनकर्ताओं का इस्तीफा, कैबिनेट मीटिंग में क्रिकेट के ऊपर गर्मा- गर्म बहस होना और फिर लगातार खिलाड़ियों का चोटिल होना- पिछले कुछ दिनों से श्रीलंका क्रिकेट तमाम तरह की परेशानियों से जूझ रही है। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 3-0 से पीछे चल रही श्रीलंका को अभी दो वनडे खेलने बाकी हैं। ऐसे में जब वह आज भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए उतरेगी तो उसका उद्देश्य सिर्फ सम्मान बचाना नहीं होगा बल्कि उससे भी ज्यादा होगा।

उन्हें वर्ल्ड कप 2019 में सीधे क्वालीफाई करने के लिए भारत के खिलाफ बचे हुए दोनों वनडे मैच जीतने ही होंगे। अगर वे दोनों मैच हारते हैं तो वे स्वतः तब ही प्रवेश कर पाएंगे अगर वेस्टइंडीज इंग्लैंड के खिलाफ पांच में तीन से ज्यादा वनडे मैच न जीते और आयरलैंड के खिलाफ खेला जाने वाला एकमात्र वनडे न हारे। अगर श्रीलंका बचे हुए दो मैचों में एक मैच जीतती है तो वे चाहेंगे कि वेस्टइंडीज अपने आगामी 6 में से कोई मैच न जीते। लेकिन मौजूदा सप्ताह में वेस्टइंडीज की फॉर्म वापसी को देखते हुए श्रीलंका इस मौके को नहीं आजमाना चाहेगी। इस सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम में क्रिस गेल और मार्लोन सैम्युअल्स जैसे दिग्गजों का वापसी हुई है। ये दोनों बोर्ड के साथ एक समझौते के बाद लौटे हैं। वनडे सीरीज में जीत का ‘चौका’ लगाने उतरेगी टीम इंडिया

उल्लेखनीय है कि 30 सितंबर 2017 तक वर्ल्डकप 2019 के लिए टॉप 8 टीमें सीधे प्रवेश कर जाएंगी। जबकि बची हुईं दो टीमों को चुनने के लिए वर्ल्ड कप क्वालीफायर का आयोजन मार्च 2018 में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमों को वर्ल्ड कप में डायरेक्ट एंट्री मिल जाएगी। साल 2017 मई में यह सुनने को मिला था कि वर्ल्ड कप क्वालीफायर का आयोजन बांग्लादेश में किया जाएगा। चूंकि, बांग्लादेश का वर्ल्ड कप के लिए प्रवेश करना निश्चित है इसलिए वह इस क्वालीफायर का अंग तो होगी नहीं इसलिए आईसीसी इस टूर्नामेंट का आयोजन जिम्बाब्वे, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और आयरलैंड- स्कॉटलैंड में कर सकता है।