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अंडर-19 विश्व कप में श्रीलंका के कामिंडू मेंडिस ने की दोनों हाथों से गेंदबाजी

श्रीलंका अंडर-19 टीम के क्रिकेटर कामिंडू मेंडिस दोनों हाथों से गेंदबाजी करते हैं।

user-circle cricketcountry.com Written by Cricket Country Staff
Last Updated on - February 3, 2016 5:29 PM IST

कामिंडू मेंडिस  Photo Courtesy: ICC on Twitter
कामिंडू मेंडिस Photo Courtesy: ICC on Twitter

श्रीलंका  अंडर-19 टीम के क्रिकेटर कामिंडू मेंडिस ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए अंडर 19 विश्व कप के एक मैच में दोनों लेफ्ट आर्म स्पिन और राइट आर्म ऑफ ब्रेक गेंदें फेंकी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस नए चलन ने विश्व क्रिकेट में खलबली मचा दी है। कई क्रिकेट पंडित तो इस गेंदबाजी कला को क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं।  दोनों हाथों से गेंदबाजी करने के अतिरिक्त मेंडिंस एक अच्छे बल्लेबाज भी  हैं और अपनी टीम की ओर से नंबर 3 पर बल्लेबाजी  करने आते हैं। हालांकि उन्हें पाकिस्तान के खिलाप खेले गए मैच में कोई विकेट प्राप्त  नहीं हुआ। उन्होंने इस दौरान 4 ओवर में 21 रन दिए। फुल स्कोरकार्ड: पाकिस्तान बनाम श्रीलंका, आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2016

पाकिस्तान ने श्रीलंका के विरुद्ध खेलते हुए 212 रनों पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से हसन मोहसिन ने सर्वाधिक 86 रन बनाए। वहीं सलमान फैय्याज ने 33 रन बनाए।  श्रीलंका के लिए थिलन निमेश, वनिडू हसारंगा और दमिथा सिल्वा को दो-दो विकेट मिले। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका टीम की भी शुरुआत खराब रही। कवीन बंडारा और अविष्का फर्नांडो जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसी बीच बल्लेबाजी करने आए कप्तान चरिथ असालंका और मेंडिस ने स्कोर 58 रनों पर पहुंचाया। इसी बीच असालंका आउट हो गए। इसके थोड़ी देर बाद ही शाम्मू अशन भी चलते बने। उनके बाद बल्लेबाजी करने आए विशद रंदिका ने मेंडिस के साथ 84 रन जोड़े और मैदान के चारो ओर स्ट्रोक खेले। फुल क्रिकेटब्लॉग: पाकिस्तान बनाम श्रीलंका, आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2016

The ambidextrous Kamindu Mendis

Posted by Cricket Videos on Tuesday, February 2, 2016

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इसी बीच मेंडिस 68 रन बनाकर आउट हो गए और उनके आउट  होने के बाद श्रीलंका  टीम भरभरा गई और 189 रनों पर ऑलआउट हो गई। श्रीलंका की ओर से मेंडिंस ने सर्वाधिक 104 गेंदों में 68 रन बनाए।  वहीं रंदिका ने 71 गेंदों में 46 रन बनाए। दमिता सिल्वा 30 गेंदों में 21 रन बनाकर नाबाद रहे। इनके अलावा सिर्फ बंडारा(14) ही ऐसे  बल्लेबाज रहे जो दहाई का आंकड़ा छू पाए। दोनों हाथों से गेंदबाजी करने वाले मेंडिंस पहले श्रीलंकाई गेंदबाज नहीं है बल्कि उनके पहले इस कारनामें को अंजाम उनके हमवतन हसन तिलकरत्ने ने साल 1996 में केन्या के खिलाफ दिया था। इस मैच में श्रीलंका ने 5 विकेट पर 398 रन बनाए थे। उन्होंने अपने ओवर के बीच में ही दूसरे हाथ से गेंदबाजी की थी।