Stephen Fleming on MS Dhoni’s outburst: It’ll be something he will be questioned about for a long time,
महेंद्र सिंह धोनी (BCCI)

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंपायरों से बहस करते नजर आए। दरअसल चेन्नई की पारी के दौरान आखिरी ओवर में जब जीत के लिए तीन गेंदों पर आठ रनों की जरूरत थी, तब बेन स्टोक्स की चौथी गेंद को नो बॉल नहीं दिए जाने पर डगआउट में बैठे कप्तान धोनी फील्ड पर आ गए और अंपायर ब्रूस ऑक्सनफोर्ड और उल्हास गान्धे से अपनी नाराजगी जाहिर की।

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इस बर्ताव के लिए धोनी पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। वहीं धोनी जैसे सीनियर खिलाड़ी के इस तरह का व्यवहार करने की कई क्रिकेट समीक्षकों ने आलोचना की। हालांकि चेन्नई के कोच स्टीफेन फ्लेमिंग ने कहा कि धोनी केवल फैसले को लेकर स्पष्टता चाहते थे। लेकिन उन्होंने ये भी माना कि इसे लेकर धोनी पर लंबे समय तक सवाल उठाए जाएंगे।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोच ने कहा, “हमारी समझ ये थी कि गेंदबाजी एंड पर खड़े अंपायर (उल्हास गान्धे) ने नो बॉल का इशारा किया और फिर इसे लेकर गलतफहमी बन गई कि ये नो बॉल थी या नहीं। एमएस केवल स्पष्टता चाहता था और वो नहीं मिल रही थी। इसलिए उसने मौके का फायदा उठाया और अंपायरों से चर्चा करने मैदान पर चला गया। मैंने ऐसा ही होते देखा और हमने बात में यहीं बात की।”

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पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “वो केवल स्प्ष्टता चाहता था। क्या सही, क्या गलत है इसकी चर्चा सभी करेंगे, माही भी, मुझे इस बात यकीन है। लेकिन मुझे लगता है कि बाद में अंपायरों के लिए भी ये चर्चा का विषय होगा और मैं फिलहाल आपकी ही तरह एक दर्शक हूं। लेकिन जिस तरह से फैसला लिया गया उसे लेकर वो जाहिर तौर पर गुस्से में था और क्यों इसे बदला गया और क्या इसे बदला भी गया। इसलिए काफी अस्पष्टता थी, जाहिर है उसके लिए उस अहम समय पर चीजें स्पष्ट करना जरूरी था। ये असामान्य है लेकिन वो काफी नपा-तुला शख्स है। ये ऐसी चीज है जिसके लिए उसपर लंबे समय तक सवाल उठाए जाएंगे।” मिचेल सैंटनर के आखिरी गेंद पर लगाए छक्के की मदद से चेन्नई ने 4 विकेट से मैच जीत लिया।