स्टीव हार्मिसन © Getty Images
स्टीव हार्मिसन © Getty Images

इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन ने बताया कि जब वह अपने करियर के शीर्ष पर थे तब वह तनाव के कारण खासे परेशान हुए थे। इस तनाव का स्तर इतना भयावह था कि उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में तक सोच लिया था। 38 साल के हार्मिसन जिन्होंने इंग्लैंड के लिए 63 टेस्ट में 226 विकेट लिए हैं। उन्होंने यह बात अपनी ऑटोबायोग्राफी “स्पीड डेमन्स” में बताई है। वह साल 2004 में अपनी समस्या से निजात पाने के लिए साइकलॉजिस्ट से मिले थे। यह वो समय था जब वह दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में गिने जाया करते थे।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न ने उन्हें ऑलटाइम के सबसे बेहतरीन 50 क्रिकेट खिलाड़ियों में जगह दी है। हार्मिसन इंग्लैंड की उस बेहतरीन टीम के सदस्य थे जिसमें उनके साथ एंड्रयु फ्लिंटॉफ और मार्क्स ट्रेस्कोथिक खेले। हार्मिसन ने कहा कि लंबे समय तक विदेशी दौरे करने के कारण उन्हें तनाव हो गया था लेकिन मुश्किल तब हुई जब देश लौटने के बावजूद तनाव ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।

हार्मिसन ने कहा, “साल 2004 गर्मियों की बात है, उस समय मैं टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर 1 था। वह एक जैसी कहानी थी, य कहें बदतर। मैं खुशी मनाने की स्थिति में नहीं था। मैं कुछ भी करने की स्थिति में नहीं था। इंग्लैंड ने अपने सातों टेस्ट जीते थे लेकिन मुझे महसूस हो रहा था कि जैसे चमक अंधेरे में डूब रही है।” [ये भी पढ़ें: भारत के खिलाफ फाइनल में मोहम्मद आमिर की हो सकती है वापसी]

“सबसे खराब बात ये थी कि मुझे वही चीजें बार-बार याद आ रही थीं जिससे मैं विदेश में परेशान रहा था। इस बार मैं घर में था इसलिए घर से दूर होने को लेकर ऐसी कोई बात नहीं थी। इसी बीच मैंने इंग्लैंड टीम के डॉक्टर से बातचीत की और साइकलॉजिस्ट से मिला। इसी बीच डॉक्टर ने मुझसे पूछा कि क्या तुमने अपने आपको कभी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है, यह सुनकर मैं बुरी तरह से डर गया।”

“मैंने ईमानदारी से जवाब दिया, हो सकता है। यह साफ था कि मैं नैदानिक रूप से उदास था और दवाओं के सहारे ही मैं आगे का रास्ता तय कर सकता था।” हार्मिसन ने साल 2005 एशेज सीरीज में 17 विकेट लेते हुए इंग्लैंड की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।