Steve Smith, David Warner and Cameron Bancroft should not be brought back into the team before their bans end: Neil Harvey
David Warner and Steven Smith (File Photo) © Getty Images

बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद क्रिकेट ऑस्‍ट्रेलिया ने तत्‍कालीन कप्‍तान स्‍टीवन स्मिथ और उपकप्‍तान डेविड वार्नर पर एक-एक साल का बैन लगाया था। दोनों दिग्‍गज खिलाड़ियों के टीम से बाहर होने के बाद से ही ऑस्‍ट्रेलियाई टीम लगातार एक के बाद एक सीरीज हार रही है। ऐसे में बीते कुछ समय से लगातार मांग उठती रही है कि दोनों खिलाड़ियों पर लगे बैन को खत्‍म कर उन्‍हें एक बार फिर टीम में वापसी का मौका दिया जाए।

पूर्व ऑस्‍ट्र‍ेलियाई खिलाड़ी नील हार्वे बैन की समय अवधि पूरा होने से पहले स्मिथ, वार्नर और कैमरून बैनक्रॉफ्ट को दोबारा टीम में मौका दिए जाने से इत्‍तेफाक नहीं रखते। 90 वर्षीय हार्वे का मानना है कि अगर तीनों खिलाड़ियों को बैन की अवधि समाप्‍त होने से पहले टीम में शामिल किया गया तो इससे क्रिकेट ऑस्‍ट्रेलिया की छवि खराब होगी।

बॉल टेंपरिंग मामले में स्मिथ, वार्नर के अलावा बल्‍लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने बैन की सजा दी गई थी। सभी खिलाड़ी अबतक आठ महीने की सजा अवधि पूरी कर चुके हैं। नील हार्वे ने कहा, “मेरी मौजूदगी में ऑस्‍ट्रेलिया कई टीमों से मैच हार चुकी है। अगर उन्‍हें इस वक्‍त वापस टीम में जगह दी गई तो हम अपना खोई छवि वापस नहीं पा सकेंगे। ऐसे में मैं उनकी वापसी का समर्थक नहीं हूं।”

हार्वे 1948 में सर डॉन ब्रैडमैन की टीम का हिस्‍सा रह चुके हैं। उनसे पूछा गया कि अगर ब्रैडमैन इस वक्‍त होते तो क्‍या वो इन खिलाड़ियों के बैन को कम करने का समर्थन करते। नार्वे ने कहा, “मुझे नहीं पता, लेकिन वो सख्‍त अनुशासन वाले व्‍यक्ति थे। मुझे लगता है शायद वो बैन की अवधि को कम करने के पक्षधर नहीं होते।”