भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के चार मैचों में भारती स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने ऑस्ट्रेलियाई स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) को तीन बार आउट किया था। स्मिथ ने चार मैचों की इस सीरीज में कुल 313 रन बनाए थे लेकिन इसके बावजूद को अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खत्म होने के बाद अब अश्विन के नाम स्मिथ को टेस्ट क्रिकेट में 6 बार आउट करने का कीर्तिमान है।

अश्विन टेस्ट में स्मिथ को पांच से ज्यादा आउट करने वाले दूसरे स्पिन गेंदबाज हैं। उनके अलावा पाकिस्तान के यासिर शाह ने स्मिथ को सात बार आउट किया है लेकिन सातों ही मैच पाकिस्तान में खेले गए थे।

दरअसल क्रिकेट जगत में ये माना जाता है कि स्मिथ की कमजोरी शॉर्ट पिच गेंदे हैं जो कि तेज गेंदबाजों का प्रमुख हथियार होती हैं। यानि स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर स्पिन के खिलाफ ज्यादा आउट नहीं होते। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले अश्विन ने इस बात को गलत साबित करने की ठान ली थी और उन्होंने ऐसा कर भी दिखाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में स्मिथ के साथ मुकाबले पर बात करते हुए अश्विन ने कहा, “मुझे लगा कि मेरी काफी आलोचना की जाती है। इसलिए खुद की तुलना नाथन लियोन के करने के बजाय मैंने स्मिथ के साथ प्रतिद्वंद्विता पर ध्यान दिया। लियोन शानदार गेंदबाज हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन मेरा ध्यान किसी और चीज पर था। ऐसे रिकॉर्ड थे कि स्मिथ ऑस्ट्रेलिया में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आउट नहीं होते हैं। मैं उसे बदलना चाहता था।”

भारतीय स्पिनर ने आगे कहा, “कई लोग बातें कर रहे थे किन स्मिथ को कौन आउट करेगा लेकिन किसी ने मुझे एक मौका भी नहीं दिया। मैं ये निश्चित करना चाहता था कि सीरीज खत्म होने तक लोग मेरे बारे में बात करें।”

क्रिकेट जगत में अक्सर ही लियोन और अश्विन तुलना की जाती है लेकिन भारतीय स्पिनर इसे तूल नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे गेंदबाजी को लेकर काफी बातें होती हैं और मुझे अक्सर नाथन लियोन से कंपेयर किया जाता है। पिछले दौरे पर मैंने एडिलेड में 6 विकेट लिए थे और मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद गेंदबाजी करता रहा था। मैच के बाद हम दोनों की तुलना की गई और लियोन की बेहतर गेंदबाजी का उदाहरण देकर मुझे सुझाव दिए गए। मुझे लगता है कि ये मेरे अच्छे प्रदर्शन के प्रति बेहद असंवेदनशील रवैया था।”