ऑस्ट्रेलियाई रन मशीन स्टीव स्मिथ (Steve Smith) ने खुलासा किया है कि वो आउट होने के तरीकों को सीमित करने के लिए आम तौर पर ऑफ स्टंप की लाइन में या उससे बाहर खड़े होते हैं। स्मिथ ने कहा, ‘‘ये इस पर निर्भर करता है कि कौन गेंदबाजी कर रहा है, विकेट कैसा है, मुझे किस तरह से रन बनाने हैं और गेंदबाज मुझे किस तरह से आउट करना चाहते हैं। इससे मैं तय करता हूं कि मुझे अपना स्टांस कैसे रखना है।’’

विश्व के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज स्मिथ ने अभी तक 73 टेस्ट मैचों में 7,227 रन बनाए हैं। इसके अलावा उनके नाम पर 4,162 वनडे रन भी दर्ज है। उनकी बल्लेबाजी की तकनीक अपरंपरागत है जिसको समझने में अधिकतर नाकाम रहे हैं।

आईपीएल के पहले चैंपियन राजस्थान रॉयल्स द्वारा आयोजित बातचीत में स्मिथ ने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी के सामने अपनी तकनीक को लेकर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अमूमन ऐसा स्टांस लेता हूं जहां मेरा बैकफुट आफ स्टंप की लाइन में होता है और कुछ अवसरों पर तो उससे भी बाहर। इससे मैं जानता हूं कि कोई भी गेंद जो मेरी नजर से बाहर की तरफ जा रही हो, वो मेरे स्टंप पर नहीं लगेगी। मेरा मानना है कि अगर गेंद स्टंप की सीध में नहीं हो तो आपको आउट नहीं होना चाहिए। जब मैंने ऐसा स्टांस लेना शुरू किया तो यह मेरी एक चाल थी। यह आउट होने के तरीकों को सीमित करने के लिये था। ’’

इस 30 साल के खिलाड़ी ने कहा कि ऑफ स्टंप का स्टांस लेने से उन्हें बाहर जाने वाली गेंदों को छोड़ने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘कई बार मैं विकेटों के आगे पगबाधा आउट हो जाता हूं, लेकिन मुझे ये मंजूर है क्योंकि मैं जानता हूं कि अगर ये मेरी नजर की सीध से बाहर की तरफ जा रही होती तो फिर मुझे इसे खेलने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं इसे केवल छोड़ सकता था।’’