स्टीवन स्मिथ-ग्लेन मैक्सवेल © Getty Images
स्टीवन स्मिथ-ग्लेन मैक्सवेल © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया ने चटगांव टेस्ट जीतकर बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज ड्रॉ करा ली है। दूसरे टेस्ट मैच में डेविड वार्नर की शानदार बल्लेबाजी और नाथन लायन की घातक गेंदबाजी की बदौलत कंगारू टीम ने सीरीज हार का खतरा टाल दिया लेकिन कुछ ऐसे पक्ष हैं जिनपर पूरी टीम को काम करने की जरूरत है। चटगांव टेस्ट की पहली पारी को छोड़ दें तो पूरी सीरीज पर ऑस्ट्रेलियाई पारी डेविड वार्नर पर निर्भर रही है। शीर्ष क्रम और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के कम अंतर पर आउट होने की वजह से ऑस्ट्रेलियाई पारी जल्दी बिखर गई। इसे लेकर कप्तान स्टीवन स्मिथ भी परेशान हैं।

स्मिथ ने सीरीज खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “बल्लेबाजी क्रम का इस तरह बिखरना हमारे लिए साधारण सा होता जा रहा है। यह ऐसी चीज हैं जिस पर हमें काम करने की जरूरत है। हमने अच्छी शुरुआत की लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ा सके। इसे सही करने की जरूरत है।” इस सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में चौथे स्थान से गिरकर पांचवें स्थान पर आ गई है। हालांकि इस सीरीज से ऑस्ट्रेलिया को कई सकारात्मक चीजें भी मिली हैं। कंगारू टीम के पास अब उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों को आउट करने के लिए नाथन लायन जैसा शानदार गेंदबाज है। [ये भी पढ़ें:आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया टॉप पर बरकार, ऑस्ट्रेलिया 5वें नंबर पर खिसका]

स्मिथ ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि हमने यहां अच्छा क्रिकेट खेला पहली पारी में हमने उन्हें रोका। मुझे गर्व है अपने खिलाड़ियों पर, जिस तरह उन्होंने आगे बढ़कर प्रदर्शन किया और सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराई।” ऑस्ट्रेलिया को 17 सितंबर से भारत दौरे पर वनडे और टी20 सीरीज खेलनी है।