रविचंद्रन अश्विन © Getty Images
रविचंद्रन अश्विन © Getty Images

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि बैंगलुरू टेस्ट के चौथे दिन स्टीवन स्मिथ डीआरएस लेने के लिए ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम की ओर देख रहे थे और इसे पूरी तरह से सुना नहीं जा सका। अपने टीममेट चेतेश्वर पुजारा के साथ बीसीसीआई टीवी पर बातचीत करते हुए अश्विन ने कहा कि ये घटना उन्हें जूनियर क्रिकेट के दिनों की याद दिलाती है। अश्विन ने कहा, “स्टीवन स्मिथ पीछे मुड़े और ड्रेसिंग रूम में बैठे खिलाड़ियों से पूछा कि क्या वह रिव्यू ले सकते हैं। ये पूरी तरह से नहीं सुना गया। अंतिम बार इस तरह की चीजें मेरी जिंदगी में अंडर-10 मैच में हुई थीं। जब मेरे कोच कहा करते थे कि कहां प्वाइंट फील्डर और कवर फील्डर लगना चाहिए। यह वास्तव में आश्चर्यजनक था। स्टीवन स्मिथ के लिए मेरे अंदर बहुत आदर है। लेकिन वह बहुत आश्चर्यजनक था।”

इस टेस्ट मैच के दौरान मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच बहुत सारी बातचीत हुईं। इंटरव्यू के दौरान अश्विन और पुजारा ने ऐसे ही कुछ चटपटे किस्से साझे किए। पुजारा ने कहा कि वह वॉर्नर को लगातार बता रहे थे कि अश्विन का उनके खिलाफ रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। अंततः अश्विन ने वॉर्नर को दोनो पारियों में आउट किया। साथ ही उन्हें अपने करियर में नौंवी बार आउट किया।  [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: बैंगलौर टेस्ट में मेहमान और मेजबान टीम का रिपोर्टकार्ड]

पुजारा ने कहा, “मैंने देखा कि वे कुछ ज्यादा ही बातचीत कर रहे थे और छींटाकशी कुछ ऐसा है जिसके साथ हमने एक यूनिट के तौर पर उनको जवाब देने की कोशिश की। जब वे बैटिंग करने के लिए आए तब वे पहले से ही दबाव में थे। और मैं ये सुनिश्चित करना चाहता था कि वे दबाव को लगातार महसूस करें और खासतौर पर डेविड वॉर्नर। जब भी वह बल्लेबाजी के लिए आते हैं, अश्विन हमेशा खुश होते हैं। इसलिए मैं उन्हें लगातार याद दिलाता रहता हूं कि अश्विन एक ऐसे गेंदबाज हैं जो अक्सर विकेट लेते हैं।

मिचेल स्टार्क को आउट करने के बाद, अश्विन ने अपने माथे की ओर अगुंलियां दिखाईं- ये स्टार्क की उस हरकत का जवाब था जो उन्होंने अभिनव मुकुंद को आउट करने के बाद की थी। अश्विन ने कहा, “मैंने कल देखा अभिनव ने स्टार्क की गेंद पर छह रनों के लिए पुल शॉट खेला। लेकिन, वह इस शॉट को खेलने में किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं दिख रहे थे। इससे खिसियाए मिचेल स्टार्क ने कहा कि वह गेंद उनके हैलमेट में मारेंगे। मुझे नहीं पता कि लोगों कि साधारण रूप से ये आदत क्यों है, मैं तुम्हें गाबा में वापस जाने पर हैलमेट में गेंद मारूंगा। ये मायने नहीं रखता। ये बैंगलुरू है। तो मैंने सोचा कि मैं उन्हें बता दूं कि उन्हें पहली पारी में मेरी गेंद हैलमेट में लगी।”

पुजारा ने ये भी बताया कि कि जब उन्होंने 92 रनों की पारी खेली तब उनके गले में दर्द था। पुजारा ने कहा, “मेरी गर्दन मुझे बहुत परेशान कर रही थी। ईमानदारी से कहूं, जब मैं दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने के लिए गया तो यह गंभीर था। मैं अपने फिजियो पैट्रिक फरहार्ट को शुक्रिया कहना चाहता हूं। जिन्होंने मेरा बल्लेबाजी करना मुमकिन किया। साथ ही नंबर 3 पर, क्योंकि एक समय आया था जब मैंने सोचा था कि मैं नंबर 3 पर बैटिंग नहीं कर पाउंगा। क्योंकि मेरी गर्दन काफी दर्द कर रही थी। लेकिन उन्होंने इस पर काम किया और अंततः मैंने टीम के लिए अच्छे रन बनाए।”