Sunil Gavaskar believes national selectors are Bias against Mumbai players
Sunil Gavaskar(File Photo) © CricketCountry

भारतीय टीम के पूर्व बल्‍लेबाज सुनील गावस्‍कर का मानना है कि राष्‍ट्रीय चयनकर्ता मुंबई के खिलाड़ियों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हैं। मुंबई के खिलाड़ी लगातार अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्‍हें राष्‍ट्रीय टीम में मौके नहीं दिए जा रहे हैं।

मिड डे अखबार में लिखे अपने कॉलम ने सुनील गावस्‍कर ने कहा, “सिद्धेश लाड का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन काफी शानदार है, लेकिन इसके बावजूद भी उसे अबतक इंडिया ए टीम में मौका नहीं दिया गया है।” लाड ने मुंबई की तरफ से 44 प्रथम श्रेणी मैचों में 43 की औसत से रन बनाए हैं। उसके नाम छह शतक भी हैं। साल 2015-16 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान लाड की 88 रन की पारी की मदद से ही मुंबई को जीत मिली थी।

गावस्‍कर ने अमोल मजूमदार का उदाहरण देते हुए कहा उसके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट मे 11 हजार रन है, लेकिन इसके बावजूद भी उसे राष्‍ट्रीय टीम में मौका नहीं दिया गया। उन्‍होंने कहा, “अन्‍य राज्‍यों से एक या दो अनकैप्‍ड खिलाड़ियों को विभिन्‍न टूर पर जगह मिलती रही है, लेकिन मुंबई के साथ ऐसा नहीं हो रहा है।”

सुनील गावस्‍कर ने उम्‍मीद जताई कि सिद्वेश लाड का हाल अमोल मजूमदार जैसा न हो। ‘मजूमदार ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया, लेकिन फिर भी उसे भारतीय टीम की कैप नहीं मिल पाई। चयन प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण रवैये के कारण भारतीय टीम को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।’

शिवम दुबे में गांगुली और युवराज की जगह भरने की काबिलियत

गावस्‍कर ने लिखा, “सौरव गांगुली और युवराज सिंह के बाद से ही टीम इंडिया को बाएं हाथ का ऐसा खिलाड़ी नहीं मिला है जो पावरफुल शॉट लगा सके। मुंबई के शिवम दुबे में ऐसा करने की काबिलियत है। शिवम पर आईपीएल ऑक्‍शन के दौरान फ्रेंचाइजी और राष्‍ट्रीय चयनकर्ताओं पर भी होगी।” मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में गुजरात के खिलाफ मैच में मुंबई की टीम हारी जरूर लेकिन शिवम दुबे ने मैच में दोनों पारियों के दौरान शतकीय और अर्धशतकीय पारी खेली।

रणजी सीजन के दौरान इंडिया ए टीम का दौरा कराना गलत फैसला

गावस्‍कर ने रणजी ट्रॉफी सीजन चलने के दौरान न्‍यूजीलैंड ए के खिलाफ इंडिया ए का दौरा आयोजित करने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए। उन्‍होंने लिखा, “रणजी ट्रॉफी जैसे अहम टूर्नामेंट के दौरान इंडिया ए टीम का दौरा आयोजित करने के कारण इस टूर्नामेंट का महत्‍व कम करने का प्रयास किया गया है। इंडिया और इंडिया ए टीम के लिए खेलने के लिए इस वक्‍त करीब 35 खिलाड़ी भारत से बाहर है। ऐसे में आप खुद ही अपने देश के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के महत्‍व को कम कर रहे हो।”