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IND vs SA: 'क्या गारंटी है कि विराट, रोहित और अश्विन होते तो भारत जीत ही जाता', सुनील गावस्कर ने किया गौतम गंभीर का बचाव

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन अब आलोचकों के निशाने पर है. खास तौर पर कोच गौतम गंभीर को लेकर फैंस का कहना है कि उन्होंने टीम में बदलाव को बहुत जल्दबाजी में लागू कर दिया है.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 28, 2025 12:24 PM IST

साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. दो मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 0-2 से हार मिली. इसके बाद सवाल उठने लगे कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली इस टीम में होते तो नतीजा अलग हो सकता था. हालांकि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस पर मजबूती से अपनी राय रखी है. सोशल मीडिया पर चल रहे इन सवालों के जवाब में गावस्कर ने कुछ ऐसा कहा है कि जिससे रोहित और विराट के फैंस असहमत हो सकते हैं.

गावस्कर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन का बचाव किया है. फैंस का कहना है कि भारतीय टीम प्रबंधन ने टेस्ट टीम में बदलाव को बहुत तेजी से लागू करने का काम किया है. लेकिन गावस्कर का मानना है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा इस टीम में होते तो भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज जीत ही जाता.

भारत को मिली टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी हार

साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में भारतीय टीम को अपनी सबसे बड़ी टेस्ट हार का सामना करना पड़ा.भारत कभी 400 से ज्यादा रन से नहीं हारा था. लेकिन गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रन से हराया. ऋषभ पंत की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम के पास साउथ अफ्रीका के आक्रमण का कोई जवाब नहीं था. भारतीय बल्लेबाज स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ संघर्ष करते हुए नजर आए. फैंस हों या जानकार सभी खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन से इस बात को लेकर खफा थे. उनका कहना था कि मैच में हमारी टीम ने कोई जुझारूपन नहीं दिखाया. और तो और कभी भी ऐसा नहीं लगा कि हम मुकाबले में बने रहना चाहते हैं.

फैंस मानते हैं कि टीम प्रबंधन जिस तरह तेजी से बदलाव करने में जुटी है वही इस खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह है. यह भी आरोप लगे कि गौतम गंभीर ने रोहित, विराट और अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों को टेस्ट टीम ने बाहर जाने पर मजबूर किया. और इसी वजह से भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ इतनी बुरी तरह हार का सामना करना पड़़ा.

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन को किसी ने रिटायरमेंट के लिए मजबूर नहीं किया. यह उनका अपना फैसला था. और इस बात की भी क्या गारंटी है कि अगर वे तीनों खेलते तो भारत जीत ही जाता. हमें इस दिशा में नहीं सोचना चाहिए.

सुनील गावस्कर
पूर्व भारतीय कप्तान

‘रोहित, विराट और अश्विन को रिटायरमेंट के लिए नहीं किया मजबूर’

हालांकि गावस्कर की राय इससे अलग है. उनका आकलन है कि विराट, रोहित और अश्विन को रिटायर होने पर मजबूर नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों का अपना फैसला था. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की क्या गारंटी है कि अगर ये तीनों खिलाड़ी भारतीय टीम में होते तो सीरीज हम जीत ही जाते. उन्होंने इसके लिए बीते साल न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज का उदाहरण दिया जिसमें ये तीनों सीनियर खिलाड़ी भारत की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे लेकिन भारत को 0-3 से हार मिली थी.

‘न्यूजीलैंड के खिलाफ क्या हुआ था…’

उन्होंने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में कहा, ‘रिटायरमेंट लेने का फैसला उनका अपना था. संभव है कि उन्हें भविष्य के बारे में सोचने के लिए कहा गया हो. लेकिन, हम यह नहीं कह सकते कि अगर वे लोग होते तो हम सीरीज जीत जाते. जब वे लोग थे तब हम न्यूजीलैंड से सीरीज हार गए थे. तब क्या हुआ था, तब तो वे भी थे? हम 0-3 से हारे थे? फिर ऑस्ट्रेलिया में क्या हुआ था? हमें इस तरह से नहीं सोचना चाहिए. नहीं, हम ये नहीं सोच सकते कि उन्हें रिटायर होने के लिए मजबूर किया गया. इस मामले को देखने का यह बहुत गलत तरीका है.’

गौतम गंभीर ने भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था, ‘मेरे भविष्य पर फैसला बीसीसीआई को करना है. मैं महत्त्वपूर्ण नहीं हूं, भारतीय क्रिकेट महत्त्वपूर्ण है.’

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम के लिए अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में पहुंचने का रास्ता बहुत मुश्किल हो गया है. भारतीय टीम को अभी 9 टेस्ट मैच और खेलने हैं और उसे कम-से-कम 6-7 टेस्ट मैच जीतने होंगे.