Sunil Gavaskar: India’s struggle to take lower order wickets is same as it was 86 years ago
Sunil Gavaskar (File Photo) © Cricket Country

साल 1932 में भारतीय टीम ने अपने क्रिकेट के सफर की शुरुआत इंग्‍लैंड की धरती पर की थी। लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले में मोहम्‍मद निसार और अमर सिंह ने शानदार गेंदबाजी कर इंग्‍लैंड के छह विकेट महज 166 रन के स्‍कोर पर ही गिरा दिए थे। जिसके बाद विकेटकीपर बल्‍लेबाज लेस एमिस ने शानदार 65 रन की पारी खेल इंग्‍लैंड के स्‍कोर को 259 रन तक पहुंचाया था।

भारतीय टीम के पूर्व दिग्‍गज बल्‍लेबाज सुनील गावस्‍कर का मानना है कि 1932 से लेकर 2018 के बीच में 86 साल का वक्‍त बीत चुका है, लेकिन आज भी भारतीय टीम की हालत पहले जैसे ही है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया में लिखे अपने लेख में गावस्‍कर ने कहा, “उस वक्‍त भी हम इंग्‍लैंड के टॉप ऑर्डर को जल्‍द निपटाने में कामयाब रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनके पुछल्‍ले बल्‍लेबाज बड़ा स्‍कोर बनाने में कामयाब रहे थे। आज के समय के मैचों को देखें तो इंग्‍लैंड के पुछल्‍ले बल्‍लेबाज ही भारत के हाथों से मैच को छीनने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

ओवल टेस्‍ट में भारत ने 181 के स्‍कोर पर इंग्‍लैंड के सात बल्‍लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। इसके बावजूद विकेटकीपर बल्‍लेबाज जोस बटलर ने 89 रन की पारी खेलकर इंग्‍लैंड को 332 रन तक पहुंचा दिया। इस दौरान बटलर की 10वें विकेट के लिए स्‍टुअर्ट ब्रॉड के साथ 98 रन की साझेदारी भी बनी।

सुनील गावस्‍कर का मानना है कि भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन ओवल में शानदार रहा है। एलिस्‍टर कुक ने इंग्‍लैंड को अच्‍छी शुरुआत दिलाई, लेकिन इसके बावजूद भी गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ बनाने में अहम योगदान दिया। जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा की गेंदबाजी के सामने इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज ज्‍यादा देर क्रीज पर टिक नहीं पाए।