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सुनील गावस्कर ने इशारों ही इशारों में गौतम गंभीर की थिअरी को नकारा, कहा- बदलाव के चश्मे से देखने के बजाय वर्तमान पर ध्यान दो
भारतीय टीम का सीमित ओवरों में प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम के हालिया खेल पर काफी सवाल उठ रहे हैं. इसे अकसर टीम में बदलाव के दौर से जोड़कर देखा जाता रहा. लेकिन महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की इस पर राय अलग है.
Published On Jun 09, 2026, 09:20 AM IST
Last UpdatedJun 09, 2026, 09:20 AM IST
सुनील गावस्कर ने इशारों ही इशारों में साधा गंभीर पर निशाना (फोटो- IANS) इफेक्ट- AI
नई दिल्ली: भारतीय टीम को घरेलू मैदानों पर अजेय समझा जाता रहा. किसी भी टीम के लिए भारत को भारत में हराना एक बड़ी चुनौती रही. लेकिन भारत को हालिया वक्त में दो बार वाइट वॉश का सामना करना पड़ा. इससे टीम इंडिया की बहुत किरकिरी भी हुई. और अब टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी इस पर निशाना साधा है. गावस्कर का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि भारतीय टीम ‘बदलाव के दौर’ की परंपरागत ढाल के पीछे छुपना बंद करे और बहुत ही शिद्दत के साथ अपनी बल्लेबाजी को सुधारने की दिशा में काम करे.
सुनील गावस्कर ने उठाए मौजूदा परिस्थिति पर सवाल
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारत की पारी और 300 रन से मिली जीत के बाद गावस्कर आधिकारिक प्रसारणकर्ता के साथ बात कर रहे थे. सोमवार, 8 जून को महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की. इस मैच के बाद गावस्कर ने खुलकर भारतीय टीम की मौजूदा परिस्थिति पर सवाल उठाए. गावस्कर की बात मुख्य कोच गौतम गंभीर और शुभमन गिल के नजरिये के उलट है. भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना अभी मुश्किल नजर आ रहा है. भारत को अभी इस चक्र में श्रीलंका और न्यूजीलैंड का दौरा करना है और ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी भी करनी है.
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भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में छठे स्थान पर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत फिलहाल छठे स्थान पर है. नौ टेस्ट मैचों में से भारत ने सिर्फ चार टेस्ट मैच जीते हैं. गावस्कर की चिंता घरेलू मैदानों पर भारत के प्रदर्शन को लेकर है. भारत को पिछले साल साउथ अफ्रीका का हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. साल 2024 में न्यूजीलैंड से 0-3 से टीम इंडिया को शिकस्त मिली थी.
विराट, रोहित और अश्विन के जाने से बिगड़ी टीम की लय?
भारतीय टीम के इस तरह के प्रदर्शन की वजह विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास से जोड़ा गया. हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में ये भारतीय खिलाड़ी टीम के साथ ही थे. भारत ने शुभमन गिल की अगुआई में टेस्ट क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत की. गिल की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड में 2-2 से सीरीज बराबरी के साथ आगाज किया. इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को करारी शिकस्त मिली.
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गावस्कर ने उठाए बल्लेबाजों की अप्रोच पर सवाल
गावस्कर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब वक्त आ गया है कि हमें बार-बार यह कहना बंद करना चाहिए कि हमारी टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. इसके बजाय हमें उस स्तर का खेल दिखाना चाहिए जैसा टेस्ट क्रिकेट में उम्मीद की जाती है.’
टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहली बार 10 हजार रन बनाने वाले महान बल्लेबाज ने कहा, ‘हर टीम में खिलाड़ी संन्यास लेते हैं, खिलाड़ियों में बदलाव होता है और विकास का वक्त आता है लेकिन जोर प्रदर्शन पर होना चाहिए. टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया प्रदर्शन को देखिए. हमारे लिए गेंदबाजी से बड़ी चिंता बल्लेबाजी रही है.’
गावस्कर ने कहा- गेंदबाजों ने किया है अपना काम
गावस्कर ने लगातार भारतीय बल्लेबाजी के तकनीकी पक्ष पर भी बात की. न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बैटिंग का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था.

गावस्कर ने कहा, ‘गेंदबाजी आक्रमण ने आमतौर पर अपना काम किया है लेकिन बल्लेबाजों को अधिक अनुशासन और मजूबत तकनीक दिखाने की जरूरत है. खास तौर पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में.’
उन्होंने कहा, ‘कई बार आपको टी20 माइंडसेट में जाने की आदत होती है जहां कुछ डॉट बॉल के बाद संयम रखना कठिन हो जाता है. और यह आपको गलत निर्णय की ओर लेकर जाता है. टेस्ट क्रिकेरट में अलग तरह की सोच की आवश्यकता होती है. भविष्य में भारत को अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने की जरूरत है. लंबी पारियों को तैयार करना और हर परिणाम को बदलाव के चश्मे के देखने के बजाय वर्तमान पर ध्यान देने की जरूरत है.’