Sunil Gavaskar on Cheteshwar Pujara: Don’t talk about strike rates when playing against quality attacks like SENA teams
Cheteshwar Pujara Adelaide (IANS)

हमेशा ही अपनी धीमी पारियों और खराब स्ट्राइक रेट के लिए आलोचकों के निशाने पर आने वाले चेतेश्वर पुजारा का पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बचाव किया है। गावस्कर का कहना है कि सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) के अच्छे गेंदबाजी अटैक के सामने स्ट्राइक रेट नहीं देखा जाता।

भारत-ऑस्ट्रेलिया एडिलेड टेस्ट का लाइव स्कोरकार्ड 

इंडिया टु़डे से बातचीत करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा, “स्ट्राइक रेट की चर्चा तब की जा सकती है, जब आप कमजोर टीम के खिलाफ खेल रहे हों। जब आप ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे क्वालिटी अटैक के खिलाफ आप स्ट्राइक रेट की बात नहीं करते हैं। वहां आप ये देखते हैं कि कितने रन बनाए गए हैं और कैसे। आप 200 की स्ट्राइक रेट से 20 रन बना सकते हैं या 300 की स्ट्राइक रेट से पहली ही गेंद पर छक्का लगा सकते हैं और आउट हो सकते हैं लेकिन उससे किसी टीम को जीतने में मदद कैसे मिलेगी। स्ट्राइक रेट की चर्चा सीमित ओवर क्रिकेट के लिए अच्छी है।”

शतकीय पारी खेल पुजारा ने एक साल तक टीम में जगह पक्की कर ली

शीर्ष क्रम बल्लेबाज पुजारा ने एडिलेड टेस्ट के पहले दिन मुश्किल में फंसी टीम इंडिया को 123 रनों की शानदार पारी खेलकर बचाया। गावस्कर का कहना है कि इस पारी के दम पर पुजारा ने टीम इंडिया में अपनी जगह एक साल के लिए पक्की कर ली है।

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पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “इस पारी से उसने कम से कम एक साल तक टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। देखिए, जब पुजारा जैसा खिलाड़ी भी तकनीकि परेशानियों से गुजरता है या फिर अंदर आती गेंदो पर आउट होता है तो उसे टीम से ड्रॉप करने के बारे में सोचा जाने लगता है। क्योंकि तभी एक खिलाड़ी को अपनी कमियों पर काम करने का मौका मिलता है। टीम से बाहर होने पर दुख होता है और वापसी का एक मकसद बन जाता है।”

पुजारा की वजह से ही भारत के पास एडिलेड जीतने का मौका

गावस्कर ने आगे कहा, “लेकिन पुजारा टेस्ट यूनिट के लिए बेहद अहम खिलाड़ी है। हमने पिछले साल देखा है कि उसे कई बार पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद आना पड़ा था, इसलिए एक तरह से वो आधा सलामी बल्लेबाज ही है, जिसे नई गेंद से खेलना पड़ता है। वो उस तरह से अपने आप को एडजस्ट कर सकता है। वो ऐसा खिलाड़ी है जो मुश्किल के समय में टिकता है। किसी से भी पूछ लें वो उसके योगदान को महत्व जानते हैं। पुजारा ही वो कारण है जिस वजह से भारत के पास ये टेस्ट मैच जीतने का मौका है।”