sunil gavaskar praised hardik pandya compares him with rohit sharma
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फरवरी में जब इंडियन प्रीमियर लीग 2022 की खिलाड़ियों की नीलामी खत्म हुई तो टीमों का आकलन शुरू हुआ। और इसमें गुजरात टाइटंस एक ऐसी टीम थी जिसे लेकर ज्यादा उत्साह नहीं देखा गया। तेजी से रन कौन बनाएगा। विकेट कौन लेगा। फिनिश कौन करेगा, जैसे तमाम सवाल थे। टीम ने विकेटकीपर्स की खरीद भी बहुत देर से की थी। लेकिन 29 मई को जब टूर्नमेंट खत्म हुआ तो ट्रॉफी पर इसी नई-नवेली टीम का कब्जा था। फाइनल में उसने राजस्थान रॉयल्स को फाइनल में मात दी थी।

हार्दिक की कप्तानी से भी बहुत कम लोगों को उम्मीदें थीं। लेकिन अब हार्दिक को भारतीय टीम की कप्तानी का दावेदार माना जा रहा है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी हार्दिक से बहुत प्रभावित हैं। हार्दिक ने टूर्नमेंट में जिस तरह टीम की अगुआई की गावस्कर ने उसकी तारीफ की।

टूर्नमेंट शुरू होने से पहले यह सवाल काफी अहम था कि क्या वह गेंदबाजी कर पाएंगे। बीते कुछ अर्से से हार्दिक अपने ऑलराउंडर वाले अवतार में नहीं दिख रहे थे। वह बतौर बल्लेबाज अधिक सक्रिय नजर आ रहे थे। 2021 के टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने कोई मैच नहीं खेला था और ऐसे में उनकी फिटनेस सवालों के घेरे में थी। यह भी कहा जा रहा था कि अगर हार्दिक गेंदबाजी नहीं करते हैं तो टीम में उनकी जगह बननी मुश्किल है।

लेकिन इस खिलाड़ी ने सभी आलोचकों को शांत कर दिया। उन्होंने टूर्नमेंट में 44.27 के औसत से 487 रन बनाए। इसमें उनका स्ट्राइक रेट 131.26 का रहा। इसके साथ ही उन्होंने 8 विकेट भी लिए। और इकॉनमी रेट 7.27 का रहा। सीजन के दूसरे हिस्से में हार्दिक ने बहुत अधिक गेंदबाजी नहीं की लेकिन फाइनल में अपनी गेंदबाजी से ही उन्होंने मैच का रुख पलटा। राजस्थान के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने 17 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।

गावस्कर ने कहा, ‘जिस तरह हार्दिक ने प्रदर्शन किया उसे देखकर सिलेक्टर्स काफी खुश होंगे। हर किसी ने उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखा था लेकिन किसी ने उन्हें गेंदबाजी की भूमिका में नहीं देखा था। लेकिन अब वह आकर कई बार चार या तीन ओवर फेंक रहे हैं। वह भी लगातार इससे पता चलता है कि वह 100 पर्सेंट फिट हैं। लेकिन हां, उन्हें सही तरीके से संभालने की जरूरत है। जब आपकी कमर में इतनी गंभीर चोट लगी हो कि आपको सर्जरी से गुजरना पड़े तो आपका सही तरीके से ख्याल रखना जरूरी है। लेकिन असलियत यह है कि जिस तरह से वह 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक से गेंदबाजी कर रहे थे इसका अर्थ है कि वह इस चोट से आगे निकल रहे हैं।’

गावस्कर हार्दिक के शॉट सिलेक्शन से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि यह बिलकुल रोहित शर्मा की तरह था। उनका मानना है कि कप्तानी के साथ-साथ बतौर बल्लेबाज हार्दिक के प्रदर्शन में निखार आया है।

गावस्कर ने कहा, ‘इसके साथ ही एक बल्लेबाज के तौर पर हार्दिक ने जिस तरह शॉट सिलेक्शन किया वह भी कमाल था। वह बिना सोचे-समझे अपना बल्ला नहीं चला रहे थे। वह काफी लाजवाब शॉट खेल रहे थे। इस खेल में आप पर सिक्स के लिए देखते हैं और आउट हो जाते हैं लेकिन आम तौर कप्तानी के साथ, ऐसा ही कुछ रोहित शर्मा के साथ हुआ था, उनका भी शॉट सिलेक्शन बेहतर हो गया था। रोहित भी, हार्दिक की तरह कमाल के थे लेकिन जैसे ही उन्हें कप्तानी मिली, उन्होंने भी 70, 80, 100 बनाने शुरू कर दिए।’