विराट कोहली को टेस्ट मेस देते सुनील गावस्कर © Getty Images
विराट कोहली को टेस्ट मेस देते सुनील गावस्कर © Getty Images

अनिल कुंबले के वेस्टइंडीज दौरे से पहले अचानक कोच पद से इस्तीफ देकर सभी को चौंका दिया। खबरों के मुताबिक कप्तान विराट कोहली कुंबले के काम करने के तरीके से प्रभावित नहीं थे, उनका मानना था कि कुंबले काफी सख्ती से काम करते हैं। हालांकि पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर इस बात को पूरी तरह गलत मानते हैं। गावस्कर ने एनडीटीवी से बातचीत में इसकी आलोचना करते हुए कहा, “तो क्या आपको ऐसे लोग चाहिए जो आपसे कहें कि आज अभ्यास ना करें क्योंकि आपकी तबीयत ठीक नहीं है, छुट्टी लें और शॉपिंग करें। अगर कोई अपना काम सख्ती से करता है और उसे अच्छे नतीजे भी मिलते हैं जैसा कि कुंबले ने पिछले एक साल में कर दिखाया है। मेरा मानना है कि उन खिलाड़ियों को टीम से बाहर होना चाहिए।”

गावस्कर ने बतौर कोच कुंबले रिकॉर्ड को असाधारण बताया। उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो जो उपलब्धियां अनिल कुंबले ने पिछले एक साल में हासिल की हैं, वाकई कमाल हैं। इसलिए मैं अनिल कुंबले को अखबार में छपी खबरों के जरिए सख्ती दिखाने वाले व्यक्ति के रूप में बदनाम नहीं होने देना चाहता।” उन्होंने ये भी कहा कि इससे नए कोच के मन में भी कहीं ना कहीं ये बात रहेगी। गावस्कर ने कहा, “इससे नए कोच को भी ये संकेत मिलेंगे कि उसे खिलाड़ियों के आगे सिर झुकाना है वरना उसके साथ भी वही होगा जो अनिल कुंबले के साथ हुआ। उसे भी अपने पद से हटना पड़ेगा जो कि बहुत ही ज्यादा दुखद है।” [ये भी पढ़ें: “टीम इंडिया को खामोश रहने वाले कोच की जरूरत है”]

गावस्कर को लगा था कि सलाहकार समिति कि सहमति मिलने के बाद कुंबले अपने पद पर बने रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दो लोगों के बीच मतभेद तो होंगे ही लेकिन यह इसका हल नहीं है।