युवराज सिंह और सुरेश रैना © Getty Images (File Photo)
युवराज सिंह और सुरेश रैना © Getty Images (File Photo)

टीम इंडिया की बल्लेबाजी हाल फिलहाल में मध्यक्रम में जूझती नजर आई है। आलम ये है कि टीम इंडिया सोच नहीं पा रही है कि इस समस्या से कैसे निजात पाया जाए। कभी कप्तान विराट कोहली ने केदार जाधव की जगह हार्दिक पांड्या को खिलाया तो कभी मनीष पांडे और एमएस धोनी को आजमाया। लेकिन समस्या जस की तस ही रही। अजिंक्य रहाणे जिनसे मिडिल ऑर्डर में अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद थी उन्होंने ये जता दिया है कि वह ओपनर के तौर पर बेहतर हैं। इस तरह से टीम इंडिया की मध्यक्रम की समस्या अधर में लटकी हुई है इसको लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर का कहना है कि भारतीय सिलेक्टरों को पुराने खिलाड़ियों को टीम में वापस लाना चाहिए। तभी इस समस्या को खत्म किया जा सकता है।

गावस्कर ने तीसरे टी20 मैच के मैच शो के दौरान ही टीम की इस समस्या का जिक्र किया था। उन्होंने इसका संभावित हल भी सुझाते हुए कहा था कि टीम इंडिया को सुरेश रैना और युवराज सिंह को वापस लाने की जरूरत है। उनका कहने का मतलब था कि टीम इंडिया के मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज के होने की जरूरत है।

विराट कोहली ने बताया युवराज, सुरेश रैना के टीम से बाहर होने का कारण
विराट कोहली ने बताया युवराज, सुरेश रैना के टीम से बाहर होने का कारण

उन्होंने कहा कि टीम इंडिया में शिखर धवन ही हैं जो बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और वह ओपनिंग करते हैं। इसके बाद सभी राइट हैंडर्स हैं। वैसे उनकी ये बात सही भी है क्योंकि क्रीज पर राइट और लेफ्ट का कॉम्बिनेशन हमेशा काम करता है। गावस्कर ने कहा, “जब आप भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर को देखते हैं, तो टीम इंडिया को लेफ्ट हैंडर पर नजर रखनी चाहिए। शिखर धवन के अलावा अन्य कोई लेफ्ट हैंडर नहीं है, कोई मिडिल ऑर्डर में भी नहीं। शायद आपको युवराज सिंह और सुरेश रैना की तरफ देखना चाहिए जो आकर खराब परिस्थितियों में बल्लेबाजी कर सकते हैं। मुझे पता है कि ये अस्थायी उपाय है, लेकिन मुझे लगता है कि आपको उस खिलाड़ी को ढूंढना चाहिए जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करता हो।”