नई दिल्ली: कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज (IND vs WI ODI Series) में शानदार खेल दिखाया. तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने सात विकेट लिए. वह सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे. इतना ही नहीं साल 2023 में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनके नाम 22 विकेट थे. कभी टीम इंडिया का अहम हिस्सा रहे कुलदीप एक वक्त पर अंतिम 11 तो छोड़िए टीम में चुने भी नहीं जाते थे. वक्त बदल गया था. कभी ‘कुल-चा’ की जोड़ी अपनी फिरकी से कमाल करती थी. लेकिन न सिर्फ यह जोड़ी टूट गई बल्कि कुलदीप का फॉर्म भी बुरी तरह खराब हो गया.
कुलदीप की जोरदार वापसी
ऐसे वक्त पर किसी ने उनका साथ नहीं दिया. कुलदीप के पास वैरायटी की कमी नजर आने लगी थी. बल्लेबाजों को उन्हें खेलने में कोई परेशानी नहीं आ रही थी. ऐसे वक्त पर उनका साथदिया टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी ने. बाएं हाथ के इस पूर्व गेंदबाज ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कुलदीप 2.0 के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे कुलदीप के हुनर में निखार आया और कैसे अब वह एक बार फिर टीम इंडिया के प्नीमियम स्पिनर बनते जा रहे हैं.
5 विकेट लेने के बाद 2 साल तक इंतजार
करियर की शुरुआत से ही किस्मत कुलदीप के साथ नहीं थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में पांच विकेट लेने वाले कुलदीप को अगला टेस्ट मैच खेलने के लिए दो साल का इंतजार करना पड़ा. रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल पसंद बनते जा रहे थे. कुलदीप के लिए रास्ते मुश्किल होते जा रहे थे. वह टीम से बाहर थे और कोई सपॉर्ट भी उनके साथ नहीं था.
कोई नहीं आया मदद के लिए आगे
जोशी ने कहा, ‘जब कुलदीप को ड्रॉप किया गया तो मैं सिलेक्शन कमिटी में था. कौन आया उसे बचाने के लिए? कोचिंग स्टाफ में से कोई नहीं. मैं वह शख्स था जिसने उसका डिलिवरी स्ट्राइड छोटा किया. अगला हाथ बेहतर किया. आर्म स्पीड सुधारी. इससे उनकी गेंद पर ज्यादा रेवोल्यूशन आया.’
जोशी की मेहनत काम आई
कुलदीप के करियर में सबसे बुरा वक्त तब आया जब साल 2021 में आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें एक भी मैच नहीं खिलाया. भारतीय टीम में भी उन्हें चुना नहीं जा रहा था. उन्हें बहुत मुश्किल से कोई मैच मिल रहा था. जब कुलदीप के लिए सभी रास्ते बंद होते जा रहे थे तब मदद सुनील जोशी की ओर से आई. और कुलदीप का हालिया प्रदर्शन दिखाता है कि जोशी की मदद ने काम किया है. जोशी ने कुलदीप की जिम्मेदारी ली. इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग और शेन वॉटसन ने भी कुलदीप का सपॉर्ट किया. कुलदीप के इस नए अवतार से रवि शास्त्री भी प्रभवित नजर आए. उन्हें यकीन नहीं हुआ कि आखिर ऐसा बदलाव कैसे हो गया.
जब कुलदीप को ड्रॉप किया गया तो मैं सिलेक्शन कमिटी में था. कौन आया उसे बचाने के लिए? कोचिंग स्टाफ में से कोई नहीं. मैंवह शख्स था जिसने उसका डिलिवरी स्ट्राइड छोटा किया.
सुनील जोशी, पूर्व सिलेक्टर
शास्त्री भी हुए हैरान
जोशी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘अचानक हर कोई कुलदीप यादव के बारे में बात करने लगा. रवि शास्त्री ने मुझसे पूछा कि तुमने कुलदीप के साथ क्या कर दिया? मैंने कहा, ‘रवि भाई मैंने कुछ भी खास नहीं किया है. ये सब साधारण सी चीजें हैं जो एक गेंदबाजी कोच को करनी चाहिए.’ अगर आप कुलदीप 2.0 को देखें तो उनका फ्रंट आर्म टारगेट की ओर है. उनका बोलिंग आर्म सही है. वह टारगेट की ओर दौड़ रहे हैं. उनका स्ट्राइड छोटा है. हवा में उनकी स्पीड बढ़ी है. आप देखिए वह किस तरह गेंदबाजी कर रहे हैं.’
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