Support staff plan, but captains must execute say Vijay Dahiya
Virat Kohli @BCCI

इंडियन टी20 लीग में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम बैंगलुरू की लगातार पांचवीं हार के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बैंगलुरू के पास मु़ख्य कोच के रूप में गैरी कर्स्टन और गेंदबाजी कोच के रूप में आशीष नेहरा हैं फिर भी टीम जीत को तरस रही है।

सवाल यह है कि डगआउट में इन दिग्गजों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है और क्या उनकी मौजूदगी वास्तव में टीम को बेहतर बनाने में मदद करती है ?

कोलकाता टीम के पूर्व सहायक कोच विजय दहिया ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि निश्चित रूप से अनुभवी पूर्व क्रिकेटर्स का मार्गदर्शन टीम को मदद करता है। लेकिन अंत में टीम का मार्गदर्शन करने के लिए कप्तान की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पढ़ें:- यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है- विराट कोहली

उन्होंने कहा, “यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि क्या वे खिलाड़ियों को संदेश देने में सक्षम हैं और यदि वह विश्वास के लायक है। यदि आप बैंगलुरू और कोलकाता के बीच हुए मैच को देखें तो यह अंतिम 13 गेंद में किधर भी जा सकता था। अगर कोई असाधारण पारी खेलता है तो आप इसमें कुछ नहीं कर सकते।”

दहिया ने कहा, “मैंने लोगों को इस बारे में करते हुए देखा है। यदि कोई गेंदबाज थोड़ा संघर्ष कर रहा है या कोई बल्लेबाज थोड़ा परेशान दिख रहा है तो आप इसे समझ सकते हैं। मुझे याद है कि कई बार हम बाहर से सिंगल देने के लिए टाइम-आउट लेते थे। लेकिन दुर्भाग्य से जब चीजें आपके लिए सही नहीं होती हैं तो सपोर्ट स्टाफ ही दिखता है।”

पढ़ें:- दिल्ली के खिलाफ मैच में बैंगलुरू के पास टूर्नामेंट में वापसी का ‘आखिरी मौका’

यह पूछे जाने पर कि ऐसे समय में कप्तानों के लिए कभी-कभी योजनाओं को अंजाम देना मुश्किल होता है, दहिया ने कहा, “अच्छे कप्तान हमेशा खेल में एक या दो ओवर होंगे। लेकिन यह एक तेज-तर्रार खेल है और आप योजना नहीं बना सकते। चीजें एक ओवर में बदल जाती हैं।”