सुप्रीम कोर्ट ने चेन्नई सुपरकिंग्स से बैन हटाने की याचिका खारिज कर दी है © IANS
सुप्रीम कोर्ट ने चेन्नई सुपरकिंग्स से बैन हटाने की याचिका खारिज कर दी है © IANS

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी( भारतीय जनता पार्टी) के लीडर सुब्रयमण्यम स्वामी की चेन्नई सुपरकिंग्स के ऊपर से बैन हटाने की याचिका को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि चेन्नई सुपरकिंग्स को आईपीएल( इंडियन प्रीमियर लीग) की सबसे बेहतरीन टीमों में थी जिस पर पिछले साल 2 साल का बैन लगा दिया गया था। जिसके कारण चेन्नई के टीम आईपीएल के नवें संस्करण में हिस्सा नहीं ले पाई थी। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने नेतृत्व वाली न्यायपीठ ने कहा मद्रास हाई कोर्ट ने स्वामी की चेन्नई सुपरकिंग्स के बैन को चैलेंज करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की गुजारिश पर यह बैन लगाया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चेन्नई सुपरकिंग्स के गुरूनाथ मयप्पन को बेटिंग का दोषी पाया गया था और आईपीएल के नियमों के हिसाब से टीम पर बैन लगना चाहिए। स्वामी ने दावा किया है कि श्रीनिवासन आदित्य वर्मा के नेतृत्व वाली याचिकाकर्ता बिहार क्रिकेट एशोसिएसन, पूर्व आईपीएल चीफ ललित मोदी और पूर्व बीसीसीआई प्रेसीडेंट शशांक मनोहर के बीच की साजिश का शिकार हैं। स्वामी ने आगे कहा कि वो नहीं चाहते कि तमिल एक विश्व स्तर की चैंपियन टीम बनाए। जब उनको पता चला कि श्रीनिवासन के खिलाफ कोई आरोप नहीं है तो उन्होंने घटिया तरीकों से उनको हटाने की साजिश रची। मेरे पास इस साजिश को साबित करने के लिए वर्मा, मोदी और मनोहर के बीच के कई ईमेल हैं। [Also Read: भारत बनाम न्यूजीलैंड, तीसरा टेस्ट: लाइव ब्लॉग]

जब कोर्ट ने पूछा कि चेन्नई सुपरकिंग्स ने बैन को चैलेंज क्यों नहीं किया तो स्वामी ने कहा कि उनका तमिल गौरव आहत हुआ था जब श्रीनिवासन को सीएसके(चेन्नई सुपरकिंग्स) मैनेजमेंट और बीसीसीआई से इस्तीफा देने के लिए दबाव डाला गया था, संभवतः ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि मुंबई लॉबी नहीं चाहती थी कि वो आगे काम करते रहे। स्वामी ने कहा कि सीएसके और इसके खिलाड़ियों के किसी तरह का आरोप नहीं है, फिर भी इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो साल के लिए बैन लगाया गया है। श्रीनिवासन को बिना वजह की साजिश का शिकार बनाया गया। सीएसके और श्रीनिवासन पर को दी गई सजा प्रतिबंध विवेकाधीन है।