आज सुप्रीम कोर्ट बीसीसीआई द्वारा लोढ़ा समिती की सिफारिशें लागू करने के बारें में फैसला करने वाली थी लेकिन कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर बीसीसीआई को और समय दिया है। माना जा रहा है कि कल फैसला सुनाया जा सकता है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने बीसीसीआई को समिती की सिफारिशें लागू करने के लिए एक दिन का समय दिया था पर बाद में बीसीसीआई की तरफ से कपिल सिब्बल के निवेदन प्रस्तुत करने के बाद कोर्ट ने 17 अक्टूबर को फैसला लेने की घोषणा की थी। बीसीसीआई लोढ़ी समिती की सिफारिशों को क्रिकेट के लिए खतरा बताती रही है और बोर्ड की कोशिश है कि उन्हें रिपोर्ट को अमल में लाने के लिए और समय दिया जाए। वहीं जस्टिस लोढ़ा की अध्यक्षता वाली समिती जल्द से जल्द नियम लागू करने के लिए बोर्ड पर दबाव बना रही है। यहां पढ़ें सु्प्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को दिया एक दिन का समय

आपको ये बता दें कि पिछले दिनों कोर्ट ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और चेयरमैन अजय शिरके की सदस्यता स्थगित करने की बात कही थी। साथ ही बोर्ड को राजस्व पर भी कोर्ट ने अपना अंकुश लगाया। सभी राज्य संघों को सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्दश हैं कि जब तक बोर्ड समिती की सिफारिशों को लागू नहीं करता तब तक संघ बोर्ड से लिया पैसा वापस नहीं करेंगे। इससे बीसीसीआई अध्यक्ष ठाकुर काफी नाराज हुए थे। वहीं दूसरी तरफ आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी और आईपीएल को लेकर भी असमंजस की स्थिती बन रही है। अगले साल जून में चैम्पियंस ट्रॉफी खेली जानी है वहीं उसके बाद ही अप्रैल में आईपीएल भी शुरू हो रहा है। लोढ़ा समिती की सिफारिशों के मुताबिक दो बड़े टूर्नामेंट्स के बीच में खिलाड़ियों को एक महीने का आराम दिया जाना चाहिए लेकिन चैम्पियंस ट्रॉफी एक जून से शूरू हो रही है हो आईपीएल मई के आखिर नें खत्म होगा जिससे खिलाड़ियों को एक हफ्ते का ब्रेक मिलना भी मुश्किल है। समिती की सिफारिशों को लागू किया गया तो या तो आईपीएल को रद्द करना होगा या भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी से बाहर होना पड़ेगा। जब हरभजन सिंह ने कहा ‘तमाशा’ नहीं है आईपीएल पढ़ने के लिए क्लिक करें

चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर एक केवल यही एक परेशानी नहीं है बल्कि अनुराग ठाकुर ने यह कहकर मुश्किल और बढ़ा दी है कि आईसीसी से उनका निवेदन है कि भारत और पाकिस्तान टीम को अलग ग्रुप में रखें। इस पर आईसीसी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं शुक्रवार को आईसीसी ने ठाकुर को अपनी वित्त और वाणिज्यिक मामलों की समिती का सदस्य बना दिया। अंदाजा लगाया जा रहा था कि वित्त समिती से बीसीसीआई को दूर रखने के कारण ही ठाकुर ने भारत को पाकिस्तान से अलग ग्रुप में रखने की बात उठाई थी। अब आईसीसी के इस फैसले के बाद मुमकिन है कि भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में रहें। इससे ठाकुर की एक परेशानी तो हल हो गई वहीं अगर बात करें लोढ़ा समिती की सिफारिशों की तो ठाकुर की कोशिश रहेंगी की बोर्ड को ज्यादा से ज्यादा समय मिल सके, जिससे आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी दोनों ही बिना परेशानी के हो जाए। फिलहाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को रोक लिया है लेकिन उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही फैसला सुनाएगी।