Supreme Court to hear BCCI’s plea on tenure of its office bearers sourav ganguly jay shah
supreme court

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की उस याचिका पर 13 सितंबर को सुनवाई करेगा, जिसमें अध्यक्ष और सचिव सहित अन्य पदाधिकारियों के कार्यकाल को लेकर इसके संविधान में संशोधन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की इजाजत मांगी है।

बीसीसीआई ने प्रस्तावित संशोधन में अपने पदाधिकारियों के लिए ‘कूलिंग-ऑफ’ अवधि को समाप्त करने की मांग की है, जिससे सौरव गांगुली और जय शाह संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों में छह साल पूरे कर चुके होने के बावजूद अध्यक्ष और सचिव के पद पर बने रह सकेंगे।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने बीसीसीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह इस मामले के साथ-साथ क्रिकेट बोर्ड के कामकाज से जुड़े अन्य मामलों पर मंगलवार दोपहर को सुनवाई करेंगे।

शीर्ष न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस नरसिम्ह के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया है। न्यायालय ने सिंह को इससे जुड़ी अर्जियों को एकत्र कर अदालत के समक्ष पेश करने के लिए कहा है।

बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में गांगुली का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है। वह बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) में भी पदाधिकारी रह चुके हैं, जबकि शाह बीसीसीआई से पहले गुजरात क्रिकेट संघ में पदाधिकारी थे।