बीसीसीआई
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जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने और बीसीसीआई के संविधान में बदलाव पर देरी से सुप्रीम कोर्ट नाराज हो गया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बोर्ड के अधिकारी कोर्ट की बात नहीं मानेंगे तो उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के 3 अधिकारी सीके खन्ना, अमिताभ चौधरी और अनिरुद्ध चौधरी मौजूद थे, जिन्हें कोर्ट ने बहुत फटकार लगाई।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘अगर बीसीसीआई के अधिकारी मसौदा संविधान पर हमारे फैसले के मुताबिक सुझाव नहीं देते तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। बीसीसीआई के मसौदा संविधान में लोढ़ा समिति के सभी सुझाव शामिल होने चाहिए ताकि सुप्रीम कोर्ट के आखिरी फैसले से पहले एक समग्र दस्तावेज तैयार किया जा सके।’

सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी, कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को खुद पेश होने को कहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने एक राज्य एक वोट के मामले पर भी दोबारा विचार करने की बात कही है, क्योंकि बोर्ड के संविधान संशोधन में ये फांस साबित हो रही है। ज्यादातर राज्य क्रिकेट संघ इस पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। ये भी पढ़ें: भुवनेश्वर कुमार ने हार्दिक पांड्या के ‘हेलमेट’ पर मारी गेंद!

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट को सौंपी पांचवी स्टेटस रिपोर्ट में भी सीओए ने कोर्ट से मांग की थी कि बीसीसीआई का मैनेजमेंट, प्रशासन को तुरंत उन्हें सौंप दिया जाए और इसके संचालन के लिए किसी प्रोफेशनल ग्रुप की मदद लेने की मंजूरी दी जाए। फिलहाल बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी बोर्ड को चला रहे हैं।