भारतीय क्रिकेट टीम से दरकिनार किए गए बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना पिछले दिनों इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2020 की तैयारियों में जुटे हुए थे. रैना ने इसके लिए टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ चेन्नई में प्रैक्टिस भी शुरू कर दिया था. हालांकि बाद में कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण चेन्नई सुपरकिंग्स को अपने इस कंडीशनिंग कैंप को स्थगित करना पड़ा. इसके अलावा कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए आईपीएल को भी 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है. वैसे आईपीएल के 13वें संस्करण के आयोजन पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.

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आईपीएल के जरिए धोनी भी टीम इंडिया में वापसी की तैयारियों में जुटे हुए थे. रैना ने अपना अंतिम प्रतिस्पर्धी मैच पिछले साल आईपीएल का फाइनल खेला था. धोनी के साथ बिताए नेट सेशन को याद करते हुए रैना ने कहा, ‘ कैंप अच्छा था. मैं वहां दो महीने से था लेकिन उसके बाद ये सबकुछ हो गया. धोनी के साथ कुछ समय बिताया. वह बेहतरीन बैटिंग कर रहे थे. वह किसी युवा की तरह भूखे लग रहे थे. एक सेशन में तो उन्होंने 3 घंटे बैटिंग की.’

‘इस समय जिंदगी ज्यादा अहम है’

रैना ने कहा कि कोविड-19 महामारी संकट के समय में जिंदगी ज्यादा अहम है और आईपीएल (IPL 2020) इंतजार कर सकता है. रैना ने इस खतरनाक वायरस से देश की लड़ाई के लिए 52 लाख रूपये का दान दिया है. देश में चल रहे 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान वह सोशल मीडिया पर घर में रहने के महत्व पर जागरूकता फैला रहे हैं, साथ ही अपनी पत्नी की मदद भी कर रहे हैं जिन्होंने पिछले हफ्ते बेटे को जन्म दिया.

रैना अपने परिवार के लिए खाना पकाने का लुत्फ उठा रहे हैं और साथ ही घर के काम में हाथ बंटा रहे हैं. भारत के लिए अंतिम बार 2018 में खेलने वाले रैना से जब आईपीएल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस समय जिंदगी ज्यादा अहम है.

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बकौल रैना, ‘इस समय जिंदगी ज्यादा अहम है. आईपीएल निश्चित रूप से इंतजार कर सकता है. हमें लॉकडाउन पर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, वर्ना हम सभी को परिणाम भुगतने होंगे. जब जिंदगी बेहतर हो जाएगी तो हम आईपीएल के बारे में सोच सकते हैं. इतने सारे लोगों की इस समय जान जा रही है, हमें जिंदगियां बचाने की जरूरत है.’

कोरोना वायरस के कारण इस समय दुनियाभर में लगभग 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 10 लाख को पार कर गई है वहीं भारत में इस वायरस के चपेट में आकर जान गंवाने वालों की संख्या 90 तक पहुंच गई है जबकि 3 हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं.