भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने साल 2008 में हुए मंकी गेंट (Monkeygate) कांड पर पहली बार स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) को कटघरे में खड़ा किया. कुंबले ने कहा कि इस पूरे कांड में हरभजन सिंह की भी गलती थी और ड्रेसिंग रूप में कई लोग यह मान भी रहे थे.

2008 में हुए सिडनी टेस्‍ट (Sydney Test) मैच के दौरान हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) और एंड्रयू सामंड्स (Andrew Symonds)  के बीच मंकी गेंट कांड हुआ था. मैच में अंपायरों की तरफ से भी काफी गलती हुई थी, जिसके कारण टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था.

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साइमंड्स (Andrew symonds) और हरभजन के बीच हुए विवाद को लेकर सुनवाई भी हुई थी जिसके बाद भज्‍जी पर बैन लगा दिया गया था. उस समय भारतीय टीम के कप्तान कुंबले ने अब उस पूरे मामले को याद किया है और कहा है कि हरभजन की गलती थी और यह बात ड्रेसिंग रूम में भी कई लोग मान रहे थे.

कुंबले ने टेस्ट टीम के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब शो पर कहा, “एक कप्तान के तौर पर आपको मैदान पर फैसले लेने होते है. मैंने वहां ऐसी चीज का सामना किया था जो मैदान के बाहर थी, मुझे खेल के हित में फैसला लेना था.”

“हमारा एक खिलाड़ी नस्लीय टिप्पणी के लिए तीन मैचों के लिए बैन हो चुका था. यही फैसला सुनाया गया था और फिर हमने अपील की थी. मुझे लगा था कि वह गलत हैं.”

“हमें एक टीम के तौर पर निश्चित तौर पर एक साथ रहना था, लेकिन चुनौती यह थी कि ऐसी चर्चा थी कि टीम वापस जाना चाहती है, टीम टूर को बीच में छोड़कर वापस जाना चाहती है.”

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पूर्व कप्तान ने कहा, “आप जानते हैं कि फिर लोग कहते कि भारतीय टीम गलत थी इसलिए वो वापस आ गई.”  कुंबले ने कहा कि टीम का एक हिस्सा वापस जाना चाहता था लेकिन सीनियर खिलाड़ियों ने टीम को एक साथ रखने में अहम रोल निभाया और इसने सीरीज के आखिरी दो मैचों में सकारात्मक परिणाम हासिल करने में मदद की.

पूर्व कोच ने कहा, “एक कप्तान के तौर पर, एक टीम के तौर पर हम वहां सीरीज जीतने गए थे. दुर्भाग्यवश पहले दो मैचों के परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहे थे इसलिए सीरीज का सर्वश्रेष्ठ परिणाम हमारे लिए ड्रॉ हो सकता था. मैं भाग्यशाली था कि मेरे साथ सीनियर खिलाड़ी, दो पूर्व कप्तान टीम में थे.”