विराट कोहली  © Getty Images
विराट कोहली © Getty Images

भले ही विराट कोहली भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान बस हों लेकिन जिस तरीके से उन्होंने अपने आपको पिछले कुछ सालों में ढाला है उससे मुंह मोड़ना कतई मुमकिन नहीं हैं कि वे कप्तानी की कला में पारंगत हो चुके हैं और अक्सर जब धोनी किसी अन्य काम को लेकर व्यस्त रहते हैं तब वे अपनी इस भूमिका को बखूबी निभाते हैं। हाल ही में विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन में जब विराट कोहली, धोनी की अनुपस्थिति में प्रेस वार्ता करने आए तो ऐसा ही कुछ देखने को मिला। धोनी इस दौरान फुटबॉल खेलने में व्यस्त थे इसीलिए उन्होंने जिम्मेदारी अपने सिर पर लेते हुए अपना रोल बखूबी निभाया। ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी महिला क्रिकेटर्स विराट कोहली को करती है पसंद

कोहली ने इस दौरान कहा, “इस बड़े टूर्नामेंट का अनुभव द्विपक्षीय सीरीजों से बिल्कुल जुदा होता है। हमारी इस टूर्नामेंट में सबसे बड़ी मजबूती होगी कि हम इसे किसी नए टूर्नामेंट की तरह ना देखते हुए जीत की चाल को बनाए रखें। हमारे देश में लोग आपके पास आते हैं और कहते हैं कि हम जरूर जीतें। हम उम्मीद करते हैं और समझते हैं कि भारत में खेलने से आपका संतुलन बरकरार रहता है। यह महत्वपूर्ण हैं कि हम भावनाओं में ना बहें, शांत रहना महत्वपूर्ण है। जाहिर तौर पर हम अपने को प्रबल दावेदार मानते हैं, लेकिन मैच प्रति मैच ध्यान देना जरूरी है। विश्व कप 2011 के बाद भारत में यह पहला बहुपक्षीय टूर्नामेंट है जो एक बार फिर से वही उम्मीदों को साथ लाया है कि एक बार फिर से भारत 2011 की तरह खिताब जीतेगा और वानखेड़े स्टेडियम तीन रंगों में नहा जाएगा।”

इन पांच सालों में कोहली ने बतौर क्रिकेटर काफी तरक्की पा ली है और अब वे भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान हैं। वर्तमान भारतीय टीम में हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं जो मैदान पर जाते हैं अपना आक्रामक खेल दिखाने लगते हैं। कोहली कहते हैं, “साल 2011 में मुझमें अपने आपको स्थापित करने की चिंता थी। तो यही बात पांड्या और बुमराह के साथ भी लागू होती है कि वे मैदान पर काफी विश्वास में नजर आते हैं।” भारतीय टीम को टी20 विश्व कप का पहला मैच 15 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है।