Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - February 10, 2026 6:29 PM IST

कराची: पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच के बायकॉट के फैसले से यू-टर्न ले लिया है. सोमवार देर रात पाकिस्तान ने इस बात का ऐलान किया. कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को यह बायकॉट खत्म करने के एवज में आईसीसी की ओर से कुछ रियायतें देने का आश्वासन मिला है. हालांकि इनके बारे में अभी खुलासा नहीं किया गया है. और यह कहा जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप समाप्त होने के बाद ही इनका खुलासा किया जाएगा. आईसीसी ने अपने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने सूत्र के हवाले से कहा, ‘बहिष्कार खत्म करने पर आईसीसी से पीसीबी को जो भी रियायतें मिली हैं, उन्हें टी20 विश्व कप के बाद ही सबके सामने लाया जाएगा.’
आईसीसी की ओर से बांग्लादेश को पहले ही रियायतें दी जा चुकी हैं. आईसीसी साफ कर चुका है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई बैन नहीं लगाया जाएगा. और साथ ही 2028-31 के बीच उसे एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी भी दी जाएगी. माना जा रहा है कि 2028 में होने वाला अंडर-19 वर्ल्ड कप बांग्लादेश में हो सकता है.
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को ही भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सार्वजनिक तौर पर इस मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार किया था. हालांकि आईसीसी ने तमाम जांच के बाद बांग्लादेश की चिंताओं को बेबुनियाद पाया था. जब कई बार मनाने के बाद भी बांग्लादेश राजी नहीं हुआ तो उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया. और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टीम में जगह मिली.
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमारा दिसानायके ने शहबाज शरीफ से इस बारे में बात की. उनके दखल और बीसीबी से बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने फैसले से यू-टर्न लिया.
अगर वर्ल्ड कप के बाद के चरणों में भारत और पाकिस्तान की फिर से भिड़ंत होती है तो वे उस मुकाबले को खेल सकते हैं, इसकी भी मंजूरी दी गई. एक अन्य सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री पीसीबी के गार्डियन भी हैं. उन्हें इस बात की जानकारी दी गई थी कि अगर सरकार भारत के खिलाफ नहीं खेलने की बात करती है तो क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं.
सूत्र ने कहा, ‘आईसीसी की अब नकवी के साथ साफ समझ बन चुकी है कि पीसीबी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और कुछ अन्य बोर्ड के साथ हुई चर्चाओं का कोई भी विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.’ हालांकि आईसीसी ने सोमवार को अपने बयान में यह कहा था कि बांग्लादेश को उसके रुख के लिए सजा नहीं दी जाएगी. लेकिन पीसीबी को इसके एवज में क्या मिलेगा इस पर कोई बात खुलकर नहीं की गई.
इस बात की अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि नकवी आईसीसी से मिलने वाले रेवेन्यू में पीसीबी की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं. लेकिन एक अन्य अंदरूनी सूत्र ने स्पष्ट किया कि ऐसा केवल अगले फाइनैंशनल साइकल के लिए आईसीसी बोर्ड की मंजूरी के बाद ही संभव होगा.
सूत्र ने बताया कि चर्चाओं के दौरान नकवी ने यह बात रखी थी कि पाकिस्तान और भारत के बीच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत न्यूट्रल मैदानों ‘होम और अवे’ (घरेलू और प्रतिद्वंद्वी टीम की धरती पर) मैच नहीं खेले जाने का कोई कारण नहीं है. दोनों टीम अन्य आईसीसी सीमित ओवरों के टूर्नामेंट तो खेल ही रही हैं.
हालांकि इसमें एक अड़चन भी है. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल ही एकमात्र प्रत्यक्ष आईसीसी टूर्नामेंट है जबकि इसके लिए खेली जाने वाली बाकी सभी श्रृंखला द्विपक्षीय होती है जिनके लिए अंक दिए जाते हैं.
T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़े सभी ताजा अपडेट आप देख सकते हैं: https://www.cricketcountry.com/hi/icc-mens-t20-world-cup-2026/
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