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Mohammad Kaif: जिस चीज से Mohammed Shami गुजर रहे हैं वह बहुत दुखद है, लेकिन नफरत के खिलाफ प्यार जीतेगा | EXCLUSIVE

मैं अपने अनुभव के आधार पर उन्हें (मोहम्मद शमी) बता सकता हूं, हमारे देश में भारतीय टीम के बहुत ज्यादा शानदार फैन हैं, जो हमें बगैर शर्त बेतहाशा प्यार देते हैं और वे सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं.

user-circle cricketcountry.com Written by India.com Staff
Last Published on - October 28, 2021 6:32 PM IST

नई दिल्ली: T20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच को हुए कुछ दिन हो चुके हैं लेकिन इसका एक लम्हा मेरे जेहन में अभी तक ताजा है. वह है विराट कोहली (Virat Kohli) की वह तस्वीर, जिसमें वह मैच के बाद बाबर आजम से हाथ मिला रहे हैं और उसके बाद पाकिस्तान के एक और नाबाद रहे बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान के बालों को सहलाकर वह उनका उत्साह बढ़ाते दिख रहे हैं. यह मेरे दिमाग में भारत-पाकिस्तान के उन मैचों की यादों को ताजा करने वाला लम्हा है, जब मैं क्रिकेट खेला करता था.

मैं तब मुश्किल से 15 साल का था, जब मैं पहली बार भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए हाई-प्रोफाइल मैच का हिस्सा था. यह एज ग्रुप वर्ल्ड कप का फाइनल मैच था. हम सभी युवा थे और तब भी हमारे दिमाग में एक चीज साफ थी. यह वह मैच था, जहां हमारी निगाहें कप पर थीं और वे हमारी प्रतिद्वंद्वी टीम की जर्सी के रंग पर नहीं थी या फिर दोनों देशों के इतिहास पर नहीं थी. मैं झूठ बोल रहा होऊंगा अगर मैं यह कहूंगा कि यह ‘बस एक मैच ही था’ क्योंकि ऐसा नहीं था और ऐसा हो भी नहीं सकता.

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पहला तो यह वर्ल्ड कप फाइनल था और, दूसरा, मैं भली-भांति यह जानता था कि दोनों देशों के बीच किस हद तक क्रिकेट में प्रतिद्वंद्विता है. लेकिन अगर मैं यह कहूं कि अगर तब हम कम फोकस में होते अगर हम पाकिस्तान की बजाए ऑस्ट्रेलिया से वह खिताबी मुकाबला खेल रहे होते. मैं जानता हूं कि फैन्स के लिए भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के क्या मायने हैं, लेकिन सभी को यह समझना चाहिए कि जब कोई खिलाड़ी भारत के लिए खेलता या खेलती है उसके लिए भारत मायने रखता है. भारत का रंग पहनना और तिरंगे के नीचे खेलना हमेशा ही एक गंभीर मामला है.

इसके बाद मैंने 3 और वर्ल्ड कप खेले. दो अंडर-19 आईसीसी प्रतियोगिताएं थीं जो 1998 और 2000 में खेली गईं और इसे जारी रखते हुए मैं 2003 में साउथ अफ्रीका में खेले गए मुख्य वर्ल्ड कप का भी हिस्सा बना. मुझे आज भी साफतौर पर सचिन (तेंदुलकर) पाजी के साथ की गई वह अहम साझेदारी याद है, जो हमने एक मुश्किल टोटल का पीछा करते हुए बीच के ओवरों में निभाई थी. वह सचमुच एक महामुकाबला था, जो हमने बेहतरीन वातावरण में खेला था.

इसके बाद अगले साल 2004 में मैं पहली बार पाकिस्तान दौरे पर गया. यह एक ऐतिहासिक सीरीज थी, जब दो देश काफी सालों बाद एक-दूसरे से द्विपक्षीय सीरीज खेल रहे थे. जब हमने सीमा पार की थी, तब पूरी दुनिया हमें देख रही थी. हम अपने देश के राजदूत थे. मुझे आज भी वह संदेश याद है, जो हमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था- ‘खेल भी जीतना, दिल भी जीतना.’ मुझे लगता है कि हम क्रिकेटर इस संदेश से हमेशा जुड़े रहे हैं. क्रिकेटरों की पीढ़ियां भले बदल गई हैं लेकिन हमने खेल और दिल दोनों ही जीतने के लिए हमेशा ही अपना सब कुछ दिया है. विराट भी इसी खूबसूरत चीज को बस आगे बढ़ा रहे हैं. वाजपेयी चाहते थे कि हम क्रिकेटर दोनों देशों को करीब लाने में पुल का काम करें और हमने किया, और जो हमारे बाद क्रिकेट खेल रहे हैं और जो शांति और पड़ोसीपन में भरोसा करते हैं उन्होंने भी कभी निराश नहीं किया.

हालांकि इसके पीछे, यह देखना भी दुखद है कि दोनों देशों के पूर्व खिलाड़ी आपस में उलझ रहे हैं और सबसे ज्यादा दुख पहुंचाने वाला फैन्स का वह व्यवहार है, जो सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है. मैंने इसका गवाह हूं कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद मोहम्मद शमी को कैसे ट्रोल किया गया. मैंने यह समझने के लिए पर्याप्त क्रिकेट खेला है कि फैन्स इस बात से गुस्सा में आते हैं, जब उनकी टीम बड़े अंतर से मैच हारती है.

मैं इस बात से भी सहमत हूं कि जब फैन्स इस टीम को इतना पसंद करते हैं तो जिन खिलाड़ियों को इस टीम में खेलने का मौका मिला है फैन्स को उनकी आलोचना करने का भी हक है. जब कोई बल्लेबाज 0 पर आउट होता है या कोई गेंदबाज छक्का खाता है तो उसे हमेशा ही गाली पड़ती है- चाहे यह पाकिस्तान के खिलाफ कोई वर्ल्ड कप मैच हो या फिर गली क्रिकेट का ही कोई मैच हो. लेकिन किसी को उसके धर्म के कारण निशाने पर लेना, उन्हें देश छोड़ने के लिए कहना इसका कोई मतलब नहीं है और यह अक्षम्य अपराध है.

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जरा सोचकर देखिए कि एक खिलाड़ी ने भारत टीम की कैप हासिल करने के लिए अपना सब कुछ त्यागा है. उसे कैसा महसूस होता होगा. लेकिन शमी को मैं जानता हूं वह मेहनती क्रिकेटर हैं. मैं उन्हें अपने अनुभव से बता सकता हूं, हमारे पास हमारे देश में इससे बहुत ज्यादा फैन्स हैं, जो हमें बगैर कोई शर्त खूब प्यार देते हैं और वे सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं.

(मोहम्मद कैफ भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर हैं. कैफ ICC T20 वर्ल्ड कप मुकाबलों पर अपने विचार Zee मीडिया से साझा किया करेंगे. उनके ब्लॉग और एक्सपर्ट कमेंट पढ़ने/ देखने के लिए india.com से जुड़े रहें.)