टीम इंडिया © AFP
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पिछले महीनों के दौरान प्रशासकों की समिति और बीसीसीआई के अधिकारियों के बीच हुई खींचातानी का खामियाजा इंडिया टीम के खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। आलय ये है कि टीम इंडिया के खिलाड़ी को अबतक मैच फी और छह महीने बेहतरीन प्रदर्शन के एवज में 1 करोड़ बोनस मिलना अभी बाकी है। 2016-17 सीजन में टीम इंडिया ने 13 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में जीत दर्ज की। बीसीसीआई टेस्ट मैच में अंतिम एकादश में खेलने वाले खिलाड़ी को 15 लाख रुपए देती है जबकि बेंच पर रहने वाले खिलाड़ी 7 लाख रुपए देती है। पूर्व में खिलाड़ियों को टेस्ट मैच के खत्म होने के 2 महीने के भीतर चेक मिल जाता था। यहां तक कि महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों को भी अपनी फी का इंतजार है। उनके हर खिलाड़ी को प्रति सीरीज 1 लाख रुपए मिलता है।

विराट कोहली की टीम के एक नियमित सदस्य ने कहा, “सामान्यतः हमें अपना भुगतान टेस्ट मैच के खत्म होने के एक से डेढ़ महीने में मिल जाता है, लेकिन इस बार बहुत ज्यादा देर हो गई है। हमें पता नहीं कि क्या वजह है, इतनी लेट- लतीफी पहले कभी नहीं हुई।” सूत्रों के मुताबिक यह देर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बीसीसीआई का कार्यभार संभालने के लिए नियुक्त किए गए सीओए और बोर्ड के अधिकारियों के बीच तनातनी से हो रही है, ये अधिकारी ही चेक के भुगतान के लिए हस्ताक्षर करते हैं। सूत्रों ने कहा कि बोर्ड की आईसीसी के साथ राजस्व के बंटवारे को लेकर चल रही बात को लेकर भी देर हुई है।

एक शीर्ष बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, “भुगतान में कई कारणों के चलते देरी हुई है। बीसीसीआई के पास फरवरी में आधिकारिक साइनेटरी नहीं था। बाद में यह भ्रम पैदा हो गया है कि क्या अमिताभ चौधरी(कार्यकारी सचिव) इस भुगतान को जारी कर सकते हैं, क्योंकि सिर्फ सचिव ही इसे अनुमोदित कर सकता है। वहीं महिला क्रिकेटरों की बात करें तो उनका बीसीसीआई के साथ एग्रीमेंट साइन होना बाकी है और जब ये आधिकारिक रूप से हो जाएगा तो उनको भुगतान दे दिया जाएगा।” पिछले महीने सीओए नया सिस्टम लेकर आया था जिसके अंतर्गत सभी क्रिकेटर्स — घरेलू और अंतरराष्ट्रीय को उनकी फी ऑनलाइन वायर ट्रांसफर के माध्यम से मिलेगी।