भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच के लिए आवेदन करने वाले पूर्व स्पिनर सुनील जोशी का मानना है कि विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम को स्पिन विशेषज्ञ की जरूरत है। कोहली से विवाद के कारण चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद मुख्य कोच अनिल कुंबले के हटने के बाद भारतीय टीम के साथ कोई स्पिन विशेषज्ञ नहीं रहा है।

जोशी ने पीटीआई से कहा, ‘‘हां, मैंने आवेदन (गेंदबाजी कोच के लिए) किया है। बांग्लादेश के साथ ढाई साल के सफल कार्यकाल के बाद मैं अगली चुनौती के लिए तैयार हूं। भारतीय टीम के साथ लंबे समय से कोई स्पिन गेंदबाजी कोच नहीं है और ऐसे में मुझे लगता है मेरी विशेषज्ञता पर विचार होगा।’’

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विश्व कप के बाद 49 साल के इस पूर्व खिलाड़ी का बांग्लादेश के साथ करार खत्म हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप देखेंगे तो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ विशेषज्ञ सहयोगी सदस्य रहते हैं। चाहे वो तेज गेंदबाजी कोच हो या स्पिन गेंदबाजी कोच। भारतीय टीम को भी ऐसी जरूरत है। ये जरूरी नहीं है कि मैं रहूं या कोई और, लेकिन टीम को इसकी जरूरत है।’’

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू टीमों को कोचिंग देने से पहले जोशी ने 1996 से 2001 के बीच भारतीय टीम के लिए 15 टेस्ट में 35.85 की औसत से 41 जबकि 69 वनडे में 36.36 की औसत से 69 विकेट लिए है। कर्नाटक के इस दिग्गज ने प्रथम श्रेणी के 160 मैचों में 25.12 की औसत से 615 विकेट लिए है।

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स्पिन गेंदबाजी कोच की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई टीम ये सोचती है कि उसे स्पिन गेंदबाजी कोच की जरूरत नहीं है तो ये गलत सोच है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगर आप स्पिनर के तौर पर जल्दी परिपक्व नहीं होते तो आप टीम से बाहर हो सकते है। अपको अपनी प्रतिभा और कौशल को लगातार निखारते रहना होता है।’’

जोशी के स्पिन कोच रहते बांग्लादेश के लिए मेहंदी हसन मिराज, मोसादेक हुसैन और शाकिब अल हसन जैसे गेंदबाजों ने शानदार सफलता हासिल की।