ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने हालिया बयान में कहा था कि भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज खाली स्टेडियम में नहीं बल्कि दर्शकों के बीच खेला जाएगा। मॉरिसन के इस बयान के बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अक्टूबर तक टी20 विश्व कप का आयोजन करने के लिए भी तैयार हो जाएगा। हालांकि बीसीसीआई ने इस पर ये कहा कि बिना भारत सरकार से अनुमति मिले टीम इंडिया विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगी।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “ये ऑस्ट्रेलियाई सरकार का साहसिक कदम है और मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि उन्होंने ये कदम ऑस्ट्रेलिया में खेल की स्थिति को परखने के बाद ही लिया होगा। हम ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने पर काफी खुश होंगे, लेकिन कई और चीजों पर ध्यान देना होगा और ये सभी स्वास्थ संबंधी हैं। जिन बातों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाना है वो बीसीसीआई के हाथों में नहीं हैं।”

उन्होंने कहा, “हमें भारत सरकार और स्वास्थ अधिकारियों के निर्देशों को देखकर फैसला लेना होगा। हमारे लिए हमारे खिलाड़ियों और प्रशंसकों की सुरक्षा काफी अहम है। ऐसा नहीं है कि टीम को मुंबई से पुणे एक डिस्इंफेक्टेड बस में सफर करना है। वहां खेलकर वापस आना है और अपने-अपने घरों में सुरक्षित वातावरण में पहुंच जाना है।”

स्टेडियम में कम दर्शकों का आना भी जोखिम

आईसीसी के एक अधिकारी ने आस्ट्रेलिया में कोविड-19 की स्थिति की चर्चा किए बिना कहा कि कार्यक्रम के मुताबिक संभावित प्लानिंग मेजबान देश की है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “हम अपनी संभावित नीति पर काम कर रहे हैं क्योंकि हमने पहले ही सही कार्यक्रम की नीति के बारे में बता दिया था।”

आईसीसी बैठक में हिस्सा लेने वाले एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि देश में लोगों का प्रवेश इस बात पर भी काफी निर्भर करता है कि आस्ट्रेलिया कब तक अपनी यातायात संबंधी पाबंदियों को हटाता है। उन्होंने कहा, “देखिए, प्रशंसकों को आने की मंजूरी देना बूस्ट हो सकता है लेकिन अगर कोई स्टेडियम में पॉजिटिव निकल गया तो ये जोखिम भी हो सकता है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि आस्ट्रेलिया ने अभी तक अपनी यातायात संबंधी पाबंदियां खत्म नहीं की हैं।”

उन्होंने कहा, “साथ ही आस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज की सीरीज किस तरह से होती है, इस पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा और भविष्य की प्लानिंग के बारे में पता चलेगा। खाली स्टेडियम और भरे स्टेडियमों की बातों में मत पड़िए, क्योंकि यह उन चर्चाओं का हिस्सा रह चुके हैं, जिनमें बातें तय हुई हैं।”