Team India’s all options for Number-4 lacks consistency and ability, says Sanjay Manjrekar
अंबाती रायडू (IANS)

पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि विश्व कप टूर्नामेंट के इतने करीब पहुंचने के बावजूद टीम इंडिया के पास नंबर चार का कोई भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं है। मांजरेकर का कहना है की नंबर चार के मौजूदा विकल्पों में निरंतरता की कमी है।

ईएसपीएन क्रिकइंफो के अपने कॉलम में मांजरेकर ने नंबर चार पर टीम इंडिया के लगातार प्रयोगों के बारे में लिखा, “इतने विकल्पों की तलाश करने की कोशिशों के बाद, भारत अभी भी अपने नंबर 4 के बल्लेबाज को लेकर अनिश्चित है। मुझे लगता है कि अगर भारतीय टीम विश्व कप से पहले एक सेट टीम चाहती थी तो वो उन्हें एशिया कप के तुरंत बाद मिल जाती। अंबाती रायडू और केदार जाधव भारत के नंबर चार और पांच के बल्लेबाज होते लेकिन फिर टीम इंडिया इस भ्रम में रहती कि रविंद्र जडेजा वनडे टीम के लिए एक अच्छे ऑलराउंडर हैं और विजय शंकर जो कि जरूरत पढ़ने पर करो या मरो के मैच में आखिरी ओवर भी करा सकता है, नंबर चार पर रायडू के विकल्प के तौर पर नहीं उभरता।”

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मांजरेकर का मानना है कि टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग इलेवन में ज्यादा ही काट-छांट और बदलाव किए। उन्होंने ये भी कहा कि विराट कोहली की कप्तानी की प्रवृति ही ऐसी है, जितने ऊर्जावान और बैचेन वो मैदान पर नजर आते हैं, वो उनकी कप्तानी में भी दिखता है।

मांजरेकर ने लिखा, “इस भारतीय टीम के पास नंबर चार और पांच के लिए युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे शानदार विकल्प नहीं हैं। नंबर चार पर प्रयोग किए गए आठ में सात खिलाड़ियों ने भी निरंतरता नहीं दिखाई है। बल्लेबाजी के लिए मशहूर भारत जैसे देश में ये चीज आश्चर्य करने वाली है और उतनी ही निराशाजनक भी।”

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उन्होंने आगे लिखा, “पांडे, दिनेश कार्तिक, रायडू और बाकियों ने कभी भी चयनकर्ताओं के मन में विश्वास जगाने लायक प्रदर्शन नहीं किया। नंबर चार और पांच पर हमने जितने भी विकल्प देखें हैं उन सभी के साथ निरंतरता और काबिलियत की परेशानी है। विश्व कप इंग्लैंड में है और वहां सफेद गेंद भी सीधी लाइन में नहीं आने वाली। यहीं पर मुझे इन सारे उम्मीदवारों को लेकर चिंता होती है।”

मांजरेकर का मानना है कि रायडू, जाधव और नंबर चार पर आजमाए गए बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड की पिचों पर टिककर बल्लेबाजी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा, “चाहे पांडे हो, रायडू, कार्तिक, जाधव, रिषभ पंत या फिर विजय ये सभी मुश्किल से निकलने के लिए बड़े शॉट्स पर बहुत ज्यादा निर्भर करते हैं। इस तरह का रवैया काफी खतरनाक है जबकि आपको एक ओवर में पांच रनों की जरूरत हो और आप एक बेहद अटैकिंग बल्लेबाज ना हों। जहां तक मैने देखा है पंत ज्यादातर समय बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते समय चूक जाता है।”

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मौजूदा समय में बल्लेबाजों के इस रवैये को समझाते हुए मांजरेकर ने कहा कि आजकल ज्यादातर खिलाड़ी अपने आपको टी20 बल्लेबाज के तौर पर दिखाना चाहते हैं। जिसके चलते उनमें निरंतरता की कमी है।

मांजरेकर ने लिखा, “मैंने कई राज्यों की टीमों के कोच से सुना है कि चाहे जो भी फॉर्मेट हो युवा बल्लेबाज अपने आपको टी20 बल्लेबाज दिखाना चाहते हैं। ये दिलचस्प है और शायद यही कारण है कि भारत के पास भरोसेमंद नंबर चार का बल्लेबाज नहीं है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि कोहली जैसा प्रेरणा स्त्रोत उनके सामने है फिर बल्लेबाज उससे कुछ सीख क्यों नहीं रहे हैं?” मांजरेकर ने साफ कहा की टीम इंडिया एक कमजोर मध्य क्रम के साथ विश्व कप जा रही है