चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट अब भी उनकी प्राथमिकता है और वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने कार्यभार प्रबंधन पर निगरानी रखेंगे क्योंकि उनकी निगाहें इस साल इंग्लैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर होने वाली टेस्ट श्रृंखला पर टिकी हैं.

पिछले दो वर्षों में भुवनेश्वर को चोटों से जूझना पड़ा. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में शानदार गेंदबाजी की और छह विकेट लिए. भुवनेश्वर से पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी के बारे में सोच रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर, टेस्ट क्रिकेट में वापसी मेरा लक्ष्य है. मैं लाल गेंद की क्रिकेट को ध्यान में रखकर तैयारी करूंगा. हालांकि टेस्ट मैचों के लिये किस तरह की टीम का चयन किया जाता है यह पूरी तरह से भिन्न परिदृश्य होगा.’’

भारत की इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे में सात रन और श्रृंखला में 2-1 से जीत के बाद भुवनेश्वर ने वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आईपीएल के दौरान मेरा कार्यभार प्रबंधन और अभ्यास टेस्ट क्रिकेट को ध्यान में रखकर होगा कयोंकि मैं जानता हूं कि आगे काफी टेस्ट मैच खेले जाने हैं और मेरी प्राथमिकता अब भी टेस्ट क्रिकेट है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं टेस्ट श्रृंखला की तैयारी के लिये अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ूंगा. लेकिन मैंने लंबी अवधि की योजनाएं बनानी बंद कर दी हैं क्योंकि पूर्व में जब भी मैंने ऐसा किया तब चीजें मेरे अनुकूल नहीं रही. भले ही ऐसा चोट के कारण हुआ हो या फार्म के कारण, लेकिन अपने कार्यभार प्रबंधन पर मैं पूरा ध्यान दूंगा. इंग्लैंड दौर से पहले हमें काफी क्रिकेट खेलनी है और इसलिए मैं खुद को फिट रखना चाहूंगा.’’

मेरठ में जन्में इस 31 वर्षीय तेज गेंदबाज ने अपने प्रदर्शन पर संतुष्टि जतायी लेकिन साथ ही कहा कि सुधार की हमेशा संभावना बनी रहती है. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इन मैचों से जो चाहा वह हासिल किया लेकिन सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है फिर चाहे वह वैरीएशन हो या फिटनेस.’’

(भाषा)