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'सीखने के लिए उत्सुक है अफगानिस्तान, और मौकों की जरूरत'

अफगानिस्तान पहले टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ हार गई थी।

Edited By : Gunjan Tripathi |Jun 21, 2018, 03:45 PM IST

Published On Jun 21, 2018, 03:45 PM IST

Last UpdatedJun 21, 2018, 03:45 PM IST

Afghanistan test team © AFP

14 जून को भारत के खिलाफ बैंगलोर के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहली बार टेस्ट मैच खेलनी उतरी अफगानिस्तान टीम ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट की और पहला कदम बढ़ा दिया है। हालांकि अफगान टीम ये मैच बुरी तरह हार गई थी लेकिन ये हार आने वाली सफलताओं की शुरुआत है। ऐसा कहना है अफगान टीम के बल्लेबाज कोच उमेश पचवल का।

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भारत के खिलाफ घर पर खेलना मुश्किल

अफगानिस्तान टीम के साथ बतौर बल्लेबाजी कोच तीन स्टिंट कर चुके पटवल ने इंडिया एक्प्रेस को दिए बयान में कहा, “अफगानिस्तान के ज्यादातर खिलाड़ी सफेल गेंद से क्रिकेट खेल चुके हैं। अगर हम टीम इंडिया की तरफ देखें तो बल्लेबाजी क्रम के मुकाबले उनके गेंदबाजी अटैक में ज्यादा गहराई है। उनके ज्यादातर गेंदबाज 50 से ज्यादा मैच खेल चुके हैं। अश्विन, ईशांत और उमेश जैसे गेंदबाजों को उनकी घरेलू जमीन पर खेलना मुश्किल था और एक बार जब आप दबाव में लड़खड़ा जाते हैं तो वापसी करना मुश्किल हो जाता है।”

ज्यादा मौके मिलने पर बेहतर होगा क्रिकेट

पटवल ने आगे कहा, “अफगानी खिलाड़ियों के लिए इस फॉर्मेट में सफल होने की चाभी अलग परिस्थितियों में ज्यादा से ज्यादा मैच खेलना है। दूसरी पारी में बाएं हाथ के बल्लेबाज हशमतुल्लाह ने जिस तरह बल्लेबाजी की उससे पता चलता है कि उन्हें दबाव में पारी बनाना आता है। मैच के बाद राशिद जिस तरह से केएल राहुल से उनकी बल्लेबाजी के बारे में बात कर रहा है, उससे साफ दिखता है कि वो सीखने के लिए कितने ज्यादा उत्सुक हैं।”

बड़े-बड़े खिलाड़ियों को आउट कर सकते हैं अफगानी गेंदबाज

पटवल सितंबर में होने एशिया कप तक अफगानिस्तान टीम के साथ रहेंगे। उनका मानना है कि राशिद और मुजीब के रहते टीम और युवा खिलाड़ियों को उभरते देख पाएगी। पटवल ने कहा, “ज्यादातर युवा खिलाड़ियों को इंग्लिश नहीं आती है। चूंकि क्रिकेट से जुड़े ज्यादातर शब्द इंग्लिश में होते हैं, इससे मेरा काम और मुश्किल हो गया। तेज गेंदबाज वफादार जैसे ज्यादातर खिलाड़ी लोकट टूर्नामेंट और टेप-बॉल क्रिकेट से आए हैं। इनमें से किसी को भी एक खास तरीके से ट्रेन नहीं किया गया है और यही उनकी ताकत है। राशिद, मुजीब जैसे स्पिनर और जहीर खान जैसे चाइनामैन गेंदबाज लोकल टूर्नामेंट में खेले हैं और घर पर अपने बड़े लोगों के साथ खेले हैं। वो सीनियर खिलाड़ियों को आउट करने के लिए वैरिएशंस का इस्तेमाल करेंगे।”

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