the secret of indian team selection for world cup revealed all you need to know

नई दिल्ली: वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान होने के बाद से ही कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। लोग पूछने लगे हैं कि आखिर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को इस टीम में क्यों नहीं चुना गया। कई लोगों का मानना है कि ये दोनों खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह के हकदार थे। इसके साथ ही बाएं हाथ के पेसर अर्शदीप सिंह को दीपक चाहर पर तरजीह देना और रविचंद्रन अश्विन को जगह मिलना भी कुछ लोगों को जरूर अखरा होगा। इसके साथ ही चोट से उबर कर पेसर जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल की भी टीम में वापसी हो गई है।

बीसीसीआई के एक करीबी सूत्र का कहना है कि जिस तरह का प्रदर्शन अर्शदीप सिंह ने एशिया कप में किया उसके बाद उनके सिलेक्शन को लेकर कोई संदेह नहीं था। ESPNcricinfo ने बीसीसीआई में मामले को करीब से देख रहे अपने करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि बोर्ड अर्शदीप के प्रदर्शन को लेकर काफी खुश था। अर्शदीप ने भारत के लिए दोनों बार आखिरी ओवर में बढ़िया गेंदबाजी की। हालांकि भारतीय टीम दोनों बार जीत नहीं हासिल कर पाई लेकिन अर्शदीप ने मैच में रोमांच बनाए रखा.

सूत्र ने आगे बताया, दीपक हुड्डा हमेशा ही वर्ल्ड कप में जा रहे थे। इसकी वजह है कि वह एक कमाल के फील्डर हैं और बल्लेबाजी क्रम में किसी भी नंबर पर बैटिंग कर सकते हैं। रविंद्र जडेजा के चोट लगने के बाद हुड्डा के लिए मौके और बढ़ गए थे। हुड्डा चूंकि दाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं इसलिए भी उनका दावा और मजबूत हो गया था।

इसके साथ ही जबकि भुवनेश्वर कुमार का खेलना तय था तो चाहर सिर्फ रिजर्व में ही जगह बना सकते थे। चाहर वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं बना पाने के कारण खुद को अनलकी मान सकते हैं लेकिन दोनों एक ही तरह खिलाड़ी हैं, ऐसे में सिलेक्टर्स ने दोनों में अधिक अनुभवी पर भरोसा जताया।

अश्विन का चयन हैरान करने वाला है लेकिन सिलेक्टर्स का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया जहां पिचों पर अधिक उछाल होता है इसके साथ ही बड़ी बाउंड्री भी उनके लिए मददगार होंगी। अश्विन के पास काफी अनुभव है ऐसे में उन्हें टी20 मैच में किसी भी मौके पर आजमाया जा सकता है। चाहे वह पावरप्ले हो, मिडल ओवर हों या फिर पारी का अंत।