हाल ही टीम इंडिया अपने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जब मात्र 36 रन पर ऑलआउट हुई तो दुनिया भर के क्रिकेट पंडित भी हैरान रह गए. लेकिन क्रिकेट इतिहास में ऐसी अनूठी और हैरतअंगेज घटनाएं यदा-कदा होती रहती हैं. कुछ ऐसा ही हाल आज से ठीक 52 साल पहले वेस्टइंडीज की टीम के साथ आज ही के दिन (2 जुलाई) 1969 में हुआ था. वेस्टइंडीज की टीम उस वक्त आयरलैंड के दौरे पर थी और यहां एक मैच में वह मात्र 25 रन बनाकर ऑलाआउट हो गई.

1970 और 80 के दशक में वर्ल्ड क्रिकेट में वेस्टइंडीज की तूती बोलती थी. लेकिन अपना वर्चस्व कायम करने से पहले यह टीम एक समय इतनी कमजोर भी साबित हुई थी कि उस भरोसा करना मुश्किल है. इस दौरे पर विंडीज की टीम बासिल बूचर की कप्तानी में आयरलैंड गई थी. इस टीम में क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd) जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल थे. हालांक वह भी इस मैच में सिर्फ 1 रन ही बना पाए थे.

यह एक दो पारियों वाला अनूठा वनडे मैच था. मैच से पहले यह तय हुआ था कि अगर दोनों टीमों की दो पारियां समाप्त नहीं हुईं तो पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजेता का फैसला होगा. वेस्टइंडीज ने यहां टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. लेकिन आयरिश गेंदबाजों ने उसका जो हश्र किया वह उसे कभी याद नहीं करना चाहेगी.

आयरलैंड के सिर्फ 2 गेंदबाजों ने ही उसकी पूरी टीम को मात्र 25.3 ओवर में ऑलआउट कर दिया और स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 25 रन ही टंग पाए थे. और भी मजेदार बात यह है कि विंडीज ने अपने पहले 9 विकेट सिर्फ 12 रन पर गंवा दिए इसके बाद अंतिम विकेट के लिए ग्रेसन शिलिंगफोर्ड ने (9*) ने फिलबर्ट ब्लेयर (3) के साथ मिलकर 10वें विकेट के लिए 13 रन की साझेदारी की.

दिलचस्प बात है कि विंडीज की इस पारी के सभी ओवर एलेक ओ रियोर्डन और डगलस गुडविन ने ही फेंके. गुडविन ने सिर्फ 6 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए, जबकि ओ रियोर्डन ने 18 रन देकर 4 विकेट निकाले. विंडीज का एक बल्लेबाज रन आउट के रूप में आउट हुआ.

इसके बाद आयरलैंड ने अपनी पहली पारी 47.2 ओवरों में 8 विकेट गंवाकर 125 रन बनाए और घोषित कर दी. अपनी दूसरी पारी में विंडीज ने वापसी करने की कोशिश की और 34 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 78 रन जोड़ लिए. इस तरह मैच का निर्धारित समय खत्म हो गया और पहली पारी के आधार पर आयरलैंड को विजेता घोषित किया गया.