महेंद्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। © Getty Images
महेंद्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। © Getty Images

भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं लेकिन अब भी वह टेस्ट मैच खेलने के लिए पूरी तरह से फिट हैं। 35 वर्ष के हो चुके धोनी इस समय वनडे और टी20 में भारत की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस उम्र में भी धोनी की फिटनेस कमाल की है, हालांकि धोनी विराट कोहली की तरह ज्यादा समय जिम में नहीं बिताते लेकिन कोहली भी उनकी फिटनेस के कायल हैं। एक बार कोहली ने यह भी कहा था कि धोनी के बल्ले से ठीक तरह से न लगने वाली गेंद भी बाउंड्री पार कर जाती है और मुझे इसके लिए बहुत ताकत लगानी पड़ती हैं। आखिरकार धोनी ने अपनी फिटनेस का राज खोला है। ये भी पढ़ें: भारतीय टीम के मुख्य गेंदबाजों को दिया जा सकता है आराम

धोनी जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल रहे होते हैं तो वह घरेलू क्रिकेट को तवज्जो देते हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले धोनी ने विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड की टीम की तरफ से बल्लेबाजी की थी। धोनी किसी भी टूर्नामेंट को छोटा नहीं मानते, उन्हें जब भी मौका मिलता है वह उसमें हिस्सा लेते हैं। धोनी इस समय भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज पर अपनी नज़र बनाए हुए हैं। मैदान से दूर रहकर भी वह विपक्षी टीम की कमजोरी ढूंढने का एक भी अवसर नहीं छोड़ते। धोनी के लिए मैदान ही उनका जिम है वह ज्यादा से ज्यादा समय फील्ड पर बिताने में विश्वास रखते हैं। धोनी के मैनेजर अरून पांडे ने इस बारे में कहा, “जब धोनी भारत के लिए खेल रहे होते हैं तब भी अपना ज्यादा समय ड्रेसिंग रूम में मैच देखते हुए बिताते हैं। अब तक उन्होंने भारत-इंग्लैंड सीरीज का हर सत्र देखा है। वह अगर किसी काम में व्यस्त भी होते हैं तो भी उनके आंख और कान मैच पर ही रहते हैं।” धोनी को 15 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है जिसके लिए वह लगातार इंग्लैंड टीम के खेल पर नज़र बनाए हुए हैं। ये भी पढ़ें: जयंत यादव ने कहा इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के पीछे हैं कोच संजय बांगड़

पांडे ने आगे कहा, “एक दशक से भी ज्यादा क्रिकेट खेलने के बाद उनके लिए यह खेल का एक जरूरी मानसिक पक्ष बन गया है जिसे धोनी भारत को इंग्लैंड के खिलाफ खेलते देखकर पूरा करते हैं। वह ऐसा माहौल बनाते है जैसे वह अब भी ड्रेसिंग रूम में मौजूद हो।” धोनी कभी भी खुद को क्रिकेट के मैदान से दूर नहीं रख पाते। अब जबकि वनडे सीरीज में ज्यादा समय नहीं बाकी है उनकी कोशिश यही है कि वह मेहमान टीम के मजबूत और कमजोर दोनों पक्षों को पूरी तरह जान लें।