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हरमनप्रीत कौर को टीम इंडिया से बाहर करने का समय, स्मृति मंधाना को बनाएं अगला कप्तान: डायना इडुल्जी
भारतीय महिला टीम ने न्यूजीलैंड दूसरे वनडे में 270 रन बनाए लेकिन गेंदबाज इस स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहीं जो इडुल्जी के लिए चिंता का विषय है।
Written by India.com Staff
Last Published on - February 17, 2022 4:46 PM IST

पूर्व भारतीय कप्तान डायना इडुल्जी (Diana Edulji) का कहना है कि हरनमप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) 2017 विश्व कप में खेली 171 रन की पारी की बदौलत टीम में बनी नहीं रह सकती और समय आ गया है कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले के साथ टीम से बाहर कर दिया जाए।
इडुल्जी साथ ही चाहती हैं कि आइसोलेशन पूरा करने के बाद अगले मैच में स्मृति मंधाना (Smriti Madhana) की संभावित वापसी पर शेफाली वर्मा (Shefamli Varma) को भी अगले मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर किया जाए। मंधाना की गैरमौजूदगी में एस मेघना ने प्रभावित किया जबकि पिछले साल डेब्यू के बाद से शेफाली वनडे में जूझ रही हैं।
इंग्लैंड में 2017 विश्व कप के बाद से हरमनप्रीत सिर्फ दो बार 50 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही हैं। पिछले साल 32 साल की हरमनप्रीत की फिटनेस समस्या थी लेकिन महिला बिग बैश लीग में अच्छे प्रदर्शन के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फॉर्म को दोहराने की उम्मीद थी। वो हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ बाईलैटरल सीरीज में नाकाम रही हैं जिससे भारत एक और सीरीज गंवाने की कगार पर है।
इडुल्जी ने पीटीआई से कहा, ‘‘जेमीमा रोड्रिग्ज को बाहर करने के लिए जिस पैमाना का इस्तेमाल किया गया, जैसा कि कोच (रमेश पोवार) ने बताया, वही पैमाना हरमनप्रीत पर भी लागू होना चाहिए। मैं उससे काफी निराश हूं। वो मेरी पसंदीदा खिलाड़ी थी लेकिन आप सिर्फ एक पारी (2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रन) के आधार पर टीम में बने नहीं रह सकते। वो बड़ा स्कोर बनाने के सिर्फ एक पारी दूर है लेकिन प्रयास दिखने चाहिए।’’
इडुल्जी ने कहा, ‘‘यहां तक कि कप्तानी के मामले में भी मिताली के बाद सभी फॉर्मेट में स्मृति आगे है क्योंकि हरमनप्रीत प्रदर्शन नहीं कर रही है। मुझे उसे अगले मैच से बाहर करने में कोई समस्या नहीं है। स्नेह राणा उसका अच्छा विकल्प है।’’
शेफाली भी पिछले साल इंग्लैंड में डेब्यू करने के बाद आठ मैच में 25 की औसत से रन बना पाई हैं। दो साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान गेंदबाजों ने उनकी कमजोरी ढूंढ ली है और इडुल्जी चाहती हैं कि शेफाली अपने खेल पर काम करे।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का 33 महीने तक संचालन करने वाली उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति का हिस्सा रही इडुल्जी ने कहा, ‘‘शेफाली को अच्छी तरह से निखारे जाने की जरूरत है। वह स्क्वायर लेग की तरफ मूव होकर खेल रही है। उसके स्टांस (क्रीज पर खड़े होने के तरीके) में स्थिरता नहीं है। मुझे नहीं पता क्यों।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब वो रन बना रही थी तो इस तरह की मूवमेंट नहीं हो रही थी। गेंदबाजों ने उसे आउट करने का तरीका ढूंढ लिया है और इसलिए वो शॉट खेलने के लिए स्टंप से दूर जा रही है। लेकिन इस स्तर पर आपको गेंदबाजों का सम्मान करना होगा।’’
सालों से भारत का मजबूत पक्ष रहे स्पिनर भी मौजूदा सीरीज में टीम को सफलता दिलाने में नाकाम रहे हैं। भारत ने दूसरे वनडे में 270 रन बनाए लेकिन गेंदबाज इस स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहीं जो इडुल्जी के लिए चिंता का विषय है।
