भारतीय क्रिकेट टीम को साल 2011 में वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का कहना है कि अब समय आ गया है लोग इस खिताबी जीत को भुलाकर आगे बढ़ें।

गंभीर ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘‘ऐसा नहीं लगता कि ये कल की बात है। कम से कम मेरे साथ ऐसा नहीं है। इसे अब 10 साल बीत चुके हैं। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो पीछे मुड़कर काफी अधिक देखता है। बेशक ये गौरवपूर्ण पल था लेकिन अब भारतीय क्रिकेट के लिए आगे बढ़ने का समय है। संभवत: समय आ गया है कि हम जल्द से जल्द अगला विश्व कप जीतें।’’

गंभीर का मानना है कि लोगों को अतीत की विश्व कप की जीतों को लेकर अधिक उत्सुक नहीं होना चाहिए क्योंकि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और ऐसा उन्होंने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी के तहत किया।

उन्होंने कहा, ‘‘2011 में हमने ऐसा कुछ नहीं किया जो हमें नहीं करना चाहिए था। हमें विश्व कप में खेलने के लिए चुना गया था, हमें विश्व कप जीतना था। जब हमें चुना गया तो हमें सिर्फ टूर्नामेंट में खेलने के लिए नहीं चुना गया, हम जीतने के लिए उतरे थे। जहां तक मेरा सवाल है अब इस तरह की कोई भावना नहीं बची है। हमने कोई असाधारण काम नहीं किया, हां हमने देश को गौरवांवित किया, लोग खुश थे, ये अब अगले विश्व कप पर ध्यान लगाने का समय है।’’

गंभीर का मानना है कि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के होने के बावजूद टीम इंडिया के 2013 के बाद से एक भी आईसीसी खिताब ना जीत पाने का कारण ‘पीछे मुड़कर’ देखना है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम 2015 या 2019 विश्व कप जीत जाते तो संभवत: भारत को विश्व क्रिकेट में सुपर पावर माना जाता। इसे 10 साल हो चुके हैं और हमने कोई दूसरा विश्व कप नहीं जीता। इसलिए मैं अतीत की उपलब्धियों को लेकर अधिक उत्सुक नहीं होता।’’

गंभीर ने कहा, ‘‘अगर मैंने 97 रन बनाए तो मुझे ये रन बनाने के लिए ही चुना गया था। जहीर खान का काम विकेट हासिल करना था। हमें अपना काम करना था। हमने दो अप्रैल को जो भी किया उससे किसी पर एहसान नहीं किया। मुझे समझ नहीं आता कि लोग पीछे मुड़कर 1983 या 2011 के शीर्ष पलों को क्यों देखते हें। हां, इसके बारे में बात करना अच्छा लगता है या यह ठीक है। हमने विश्व कप जीता लेकिन पिछले मुड़कर देखने की जगह आगे बढ़ना हमेशा अच्छा होता है।’’