टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराना मेरे लिए सबसे खास: Sourav Ganguly

सौरव गांगुली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हमारे कई मुख्य खिलाड़ी टीम से बाहर थे. लेकिन फिर भी हमने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात दी, जो बड़ी उपलब्धि है.

Edited By : India.com Staff |Jun 30, 2021, 03:45 PM IST

Published On Jun 30, 2021, 03:45 PM IST

Last UpdatedJun 30, 2021, 03:45 PM IST

टीम इंडिया हाल ही में आयोजित हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (ICC World Test Championship) के खिताबी मुकाबले में भले न्यूजीलैंड के हाथों हार गई हो. लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) इस साल भारतीय टीम द्वारा ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात देने के पल को सबसे खास मानते हैं.

भारतीय टीम 2020-21 के दौरान ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट मैच की सीरीज खेलने गई थी. यहां वह नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में खेला गया पहला डे-नाइट टेस्ट मैच हार गई थी. इस टेस्ट में टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में मात्र 36 रनों पर सिमट गई थी.

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इसके बाद कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आए और टीम की कमान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने संभाली. भारत ने मेलबर्न में खेला गया दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर किया और फिर सिडनी में खेला गया तीसरा टेस्ट ड्रॉ कराया, जबकि गाबा मैदान पर खेला गया चौथा और अंतिम टेस्ट मैच बेहतरीन अंदाज में जीतकर मैच और सीरीज दोनों अपने नाम कर ली.

सौरव गांगुली ने एक साप्ताहिक पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह सीरीज मेरे लिए सबसे शानदार पल है. ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराना हमेशा ही मुश्किल है. हमारी टीम के तब कई खिलाड़ी मौजूद नहीं थे और उनकी जगह, जिन्हें मौका मिला उन्होंने शानदार ढंग से खुद को साबित किया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में जिस ढंग का खेल दिखाया उस लिहाज से वह सही मायनों वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने के हकदार थे.

गांगुली ने इस इंटरव्यू में कहा, ‘मैं मानता हूं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी जीत मेरे लिए सबसे बड़ा आकर्षण है. ऑस्ट्रेलिया हमेशा से मजबूत टीम रही है, और भारत द्वारा उन्हें उनके घर में हराना एक बड़ी उपलब्धि है. हमारे कई मुख्य खिलाड़ी मौजूद नहीं थे, यह बड़ी बात है कि जिन्हें उनकी जगह मौका मिला उन्होंने खुद को साबित किया. भारतीय टीम लगातार शानदार खेली और इसीलिए वह फाइनल में थी.’

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