Tokyo Olympics 2021: पाकिस्‍तान की टीम के पूर्व सलामी बल्‍लेबाज सलमान बट (Salman Butt) क्रिकेट को ओलंपिक में हर हाल में जगह दिलाने की सोच से इत्‍तेफाक नहीं रखते. बट का मानना है कि खेल को अधिक छोटा कर उसे ओलंपिक में शामिल करने से हम इसका मूल स्‍वरूप ही खो देंगे.

अपने यू-ट्यूब चैनल पर सलमान बट ने कहा, “हम क्रिकेट को ओलंपिक में जगह दिलाने के लिए इतने उतावले क्‍यों हैं. क्‍या क्रिकेट एक खेल के तौर पर दुनिया में प्रचलित नहीं है. अबतक क्रिकेट ओलंपिक का हिस्‍सा नहीं बन पाया है. शायद भविष्‍य में क्रिकेट इसका हिस्‍सा बन भी जाए. लेकिन अगर क्रिकेट अपने सही स्‍वरूप में ओलंपिक का हिस्‍सा नहीं बन पाता है तो इसका कोई मतलब नहीं रह जाएगा.”

सलमान बट (Salman Butt) ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि टी10 फार्मेट ओलंपिक में जा सकता है. अब यह भी कहा जा रहा है कि द हंड्रेड फॉर्मेट को जगह दी जा सकती है. क्रिकेट एक टीम गेम है जिसे 11 खिलाड़ी मिलकर खेलते हैं. प्रदर्शन की संतुष्टि एक बड़ा कारण है जिसके लिए युवा क्रिकेट खेलते हैं.”

“एक फुटबॉल मैच 90 मिनट तक चलता है. टी20 क्रिकेट की एक पारी 90 मिनट की होती है. छोटा फार्मेट इंटरटेनमेंट के लिए अच्‍छा है लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि हम क्रिकेट को ओलंपिक में जगह दिलाने को लेकर इतने उतावले क्‍यों हैं.”

सलमान बट (Salman Butt) ने कहा, “द हंड्रेड फॉर्मेट को लाने की मुख्‍य वजह टेलिविजन राइट्स के माध्‍यम से पैसे कमाने के अलावा इसे ओलंपिक में जगह दिलने की है. अक्‍सर यह कहा जाता है कि ओलंपिक में क्रिकेट के आने से इसे ज्‍यादा दर्शक मिलेंगे. खेल को छोटा किए बिना भी ऐसा किया जा सकता है.”