Trending Cricket News Today: रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के कनकशन विकल्‍प के रूप में भारतीय टीम में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) को शामिल किए जाने को लेकर पनपा विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने भी इस मामले में अब अपनी राय दी है. कुंबले का कहना है कि युजवेंद्र चहल को जडेजा के विकल्‍प के रूप में लेकर आना पूरी तरह से सही फैसला है.

युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने अपने चार ओवरों में 25 रन देकर तीन विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच बने. उन्होंने एरॉन फिंच, स्टीव स्मिथ और मैथ्यू वेड के विकेट लिए. जडेजा को मैच की पहली पारी के आखिरी ओवर में मिशेल स्टार्क की गेंद हेलमेट पर लग गई थी. इसी कारण चहल उनके स्थान पर कनकशन खिलाड़ी के तरह आए थे.

अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने कहा, “ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर फिल ह्यूज के दुखद निधन के बाद यह नियम पिछले कुछ वर्षों से लागू है. जब किसी के सिर पर चोट लगती है, तो उसके स्थान पर दूसरे खिलाड़ी को आना होता है. मुझे पता है कि जडेजा ने सिर पर चोट लगने से पहले अपनी हैमस्ट्रिंग खींच ली थी. जब वह चोटिल हुए तो मुझे नहीं लगता कि इसे बदलने के लिए ज्यादा कुछ करना था.”

अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि फिजियो को बुलाना जडेजा का फैसला है. यह अंपायरों पर है कि वे खेल को रोके और फिजियो को बुलाए. ऐसा शायद इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि जडेजा सिंगल के लिए दौड़े और उन्होंने खेलना जारी रखा. वह ठीक था. कनकशन के लिए यह जरूरी नहीं कि मैदान पर उनका होना जरूरी है. आप ड्रेसिंग रूम में वापस आ सकते हैं और फिर आपको सिरदर्द या चक्कर आ सकता है. तभी डॉक्टर अंदर जाएंगे और रुकेंगे. इस मामले में शायद यही हुआ है.”

कुंबले (Anil Kumble) ने साथ ही कहा कि वह इस बात को नहीं मानते कि जडेजा एक ऑलराउंडर है और उनकी जगह एक ऑलराउंडर को ही मैदान पर आना चाहिए था. जडेजा बल्लेबाजी में अपना योगदान दे चुके थे और वह एक स्पिनर है, इसलिए एक स्पिनर (चहल) को जैसे-तैसे रिप्लेसमेंट के रूप में लाया गया. अगर भूमिका की बात है तो जब भारत गेंदबाजी कर रहा था और अगर जडेजा को बल्लेबाजी करनी थी और वह बल्लेबाजी नहीं कर सकता था, तो मुझे यकीन है कि चहल को नहीं लाया जाता.”