U-19 Asia Cup 2019: Atharva dedicates his Match-winning show to late father
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भारत के उदीयमान स्पिन गेंदबाज अथर्व अनकोलकर ने अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में 5 विकेट चटकाने के अपने मैच विजयी प्रदर्शन को दिवंगत पिता को समर्पित किया है।

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अथर्व के पिता मुंबई की सार्वजनिक परिवहन सेवा के कर्मचारी थे और अपने बेटे के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने आठ वर्षों तक रात्रि पाली में काम किया।

कोलंबो में शनिवार को अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में अथर्व ने पांच विकेट चटकाकर कम स्कोर वाले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ भारत को रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अथर्व ने कहा, ‘जब मुझे मेरी भारत (अंडर-19) की जर्सी मिली तो मैं रोने लगा था क्योंकि इस लम्हें को देखने के लिए मेरे पिता मौजूद नहीं थे। मैं एशिया कप ट्रॉफी को और फाइनल में अपने पांच विकेट को अपने दिवंगत पिता को समर्पित करता हूं।’

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साल 2010 में अथर्व पिता का देहांत हो गया था। उस वक्‍त उनकी उम्र महज नौ साल थी। पिता बचपन से ही अर्थव को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। पति के देहांत के बावजूद मां वैदेही ने उनके सपने को धुंधला नहीं होने दिया और बच्‍चों की परवरिश की जिम्‍मेदारी उठाई।

मां ने ही अर्थव को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्ररित किया। पिता के देहांत के बाद मां उनकी जगह बस कंडक्‍टर की नौकरी करने लगी। अथर्व का छोटा भाई भी क्रिकेटर बनना चाहता है और वो अंडर-14 टीम में खेलता है। मां  ने नौकरी करने के साथ-साथ बच्‍चों की जिम्मेदारी बखूबी संभाली और उनके करियर में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी।