वेदा कृष्णमूर्ति © Getty Images
वेदा कृष्णमूर्ति © Getty Images

टीम इंडिया ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में 36 रनों से शानदार जीत दर्ज कर महिला विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के साथ ही देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के जरिए महिला क्रिकेट टीम के लिए अपना समर्थन दिखाया। इस समय हर किसी के जुबान पर मिताली राज, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना का नाम है लेकिन महिला क्रिकेटरों के लिए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। भारत जैसे देश में किसी लड़की के लिए ‘लड़को का खेल’ खेलना कभी भी आसान नहीं होता लेकिन वेदा कृष्णमूर्ति के माता-पिता ने हर मुश्किल का सामना कर उनका साथ दिया।

एक खेल वेबसाइट को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में टीम इंडिया की इस बल्लेबाज ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें एक बेटे की तरह बड़ा किया। उन्होंने कहा, “जब से मैने क्रिकेट खेलना शुरू किया मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। पेशेवर क्रिकेट खेलने से पहले मैने दूसरे खेलों में भी हाथ आजमाया। मेरे माता-पिता ने मुझे एक लड़के की तरह बड़ा किया। मुझसे बड़ा एक भाई और दो बहने हैं इसलिए मैं उनके लिए दूसरे बेटे जैसी थी।” वेदा के माता-पिता कर्नाटका के चिकमंगलूर में रहा करते थे लेकिन वेदा के क्रिकेट खेलना शुरू करने के बाद वह बैंगलौर आ गए। वेदा ने ये भी बताया कि उनकी मां ने कभी भी उन्हें खेलने से नहीं रोका बल्कि वह उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। [ये भी पढ़ें: विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने पर महिला क्रिकेट टीम पर होगी ईनामों की बारिश]

वेदा का मानना है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कप्तान मिताली राज की काफी तारीफ की। उन्होंने बताया कि एक ही घरेलू टीम के लिए खेलने की वजह से मिताली के साथ खेलना उन्हें काफी अच्छा लगता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ नॉकआउट मैच में वेदा ने मिताली के साथ मिलकर 112 रन की मैचविनिंग साझेदारी बनाई थी। वेदा ने बताया कि वह हमेशा ही मिताली को अपना आदर्श मानती रही हैं।