इस भारतीय बल्लेबाज ने 82 गेंदों में ठोंक दिए 279 रन, लगाए 18 छक्के और 40 चौके

वेंकटेश ने अपनी पारी में 40 चौकों के साथ 18 छक्के लगाए।

Edited By : Devbrat Bajpai |Nov 01, 2017, 03:29 PM IST

Published On Nov 01, 2017, 03:29 PM IST

Last UpdatedNov 01, 2017, 03:29 PM IST

© Getty Images
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ब्लाइंड क्रिकेट में भारत के आंध्र प्रदेश राज्य से ताल्लुक रखने वाले बल्लेबाज वेंकटेश राव ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने मुंबई में खेले जा रहे नेशनल ब्लाइंड टू्र्नामेंट में महाराष्ट्र के खिलाफ महज 82 गेंदों में 279 रन ठोंक डाले। वेंकटेश ने इस पारी के दौरान बड़े तेजतर्रार रुख को अपनाया और छक्कों-चौकों की बाढ़ ला दी। वेंकटेश ने अपनी पारी में 40 चौकों के साथ 18 छक्के लगाए। इस तरह से वेंकटेश ने चौकों-छक्कों से ही 268 रन बना डाले। ये ब्लाइंड क्रिकेट का भी सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

इस टी20 मैच में वेंकटेश की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत उनकी टीम ने 20 ओवरों में 380 का स्कोर बनाया। गौर करने वाली बात है कि इस दौरान आंध्र टीम ने एक भी विकेट नहीं गंवाया। वेंकटेश के साथ खेलने को उतरे जोड़ीदार टी कृष्णा भी 41 गेंदों में 75 रन बनाकर नाबाद रहे। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाराष्ट्र टीम 88 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। इस तरह से आंध्र टीम ने भारी अंतर से ये मैच जीत लिया। अगले साल ब्लाइंड टी20 कप में खेलने के लिए इस टूर्नामेंट से 17 खिलाड़ियों को चुना जाना है। इस टूर्नामेंट का आयोजन फरवरी में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम को 50 हजार और उप विजेता टीम को 30 रुपए दिए जाएंगे ।

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ब्लाइंड क्रिकेट के नियम: दृष्टिहीन क्रिकेट में तीन कैटेगिरी के खिलाड़ी खेलते हैं। जो बी1, बी2 और बी3 हैं। बी1 वे हैं जो बिल्कुल देख नहीं सकते। बी2 वे हैं जो 6 डिग्री की आसपास की चीजों को देख सकते हैं। वहीं बी3 वे खिलाड़ी हैं जो 15 से 20 डिग्री आसपास की चीजों को देख सकते हैं। बी1 कैटेगिरी का खिलाड़ी जितने रन बनाता है उसके दुगुने गिने जाते हैं। उदाहरण के तौर पर दो के चार और चार के आठ।
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इसके अलावा दृष्टिहीन क्रिकेट में एक प्लास्टिक की गेंद का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें अंदर कुछ डला हुआ होता है जिससे की गेंद फेंकते वक्त वह आवाज करती है। साथ ही इन मैचों में गेंदबाजी अंडरआर्म की जाती है। इसके अतिरिक्त बी1 कैटेगिरी के बल्लेबाज को रन दौड़ने के लिए रनर दिया जाता है। वहीं अगर बी1 खिलाड़ी टप्पा खाने के बाद कैच पकड़ ले तो बल्लेबाज को आउट माना जाता है। इसके अलावा पिच के बीच में एक लकीर खिची होती है। अगर लकीर के उस पार गेंद टप्पा खाती हो तो वह डैड करार दे दी जाएगी। साथ ही इस क्रिकेट में स्टंप्स पर गिल्लियों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

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