Vijay Shankar: I have learned how to handle pressure now
Vijay Shankar © AFP

निदाहास ट्रॉफी फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी ओवर में बल्लेबाजी करने आए विजय शंकर को धीमी पारी के लिए ट्विटर पर काफी ट्रोल किया गया था। करियर की शुरुआत में ही इस के दबाव भरे मैच में आकर बड़ी पारी खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए मुश्किल होता लेकिन शंकर का कहना है कि अब वो दबाव को बेहतर तरीके से झेलना सीख गया हूं।

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टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए बयान में निदाहास ट्रॉफी फाइनल को याद करते हुए विजय शंकर ने कहा, “ये किसी भी क्रिकेटर के साथ हो सकता है। मेरे साथ ये करियर की शुरुआत में हो गया, लेकिन अब ये हो गया। उसके बाद मैंने भारत ए के दौरों और आईपीएल में अच्छा किया।”

विजय ने अपने खेल के बारे में बात करते हुए कहा, “लोगों की राय बदलना काफी मुश्किल है। लेकिन मैं केवल टीम की सफलता में योगदान दे सकता हूं और आगे मैच जीत सकता हूं। अगली बार अगर मैं ऐसी किसी स्थिति में रहूंगा तो मुझे पता होगा कि क्या करना है और कहां स्कोर करना है। मैंने दबाव झेलना सीख लिया है। पहले मैं अपने ऊपर काफी कठोर रहता था। अब मैं हर चीज का आनंद लेने की कोशिश करता हूं।”

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शुभमन गिल की तरह ही विजय शंकर भी न्यूजीलैंड में काफी क्रिकेट खेल चुके हैं। भारत ए के न्यूजीलैंड दौरे पर शंकर ने तीन मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 188 रन बनाए और एक विकेट भी लिया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच और न्यूजीलैंड के दौरे पर चयन को लेकर विजय ने कहा, “मैं अनुभव हासिल करने और सीखने के बारे में सोच रहा हूं। मैंने न्यूजीलैंड मैं अभी अच्छा प्रदर्शन किया। जाहिर है कि वहां के हालात भारत से अलग हैं। मुझे सब कुछ जल्दी एनालाइस कर अपने आपको हालात के मुताबिक ढालना पड़ा। अगर मैं ये कर सकता हूं, तो मैं अच्छा कर पाउंगा।”