Vinod Rai-Diana Edulji e-mail war threatens to reignite controversial Anil Kumble exit
Vinod Rai-Diana Edulji

मिताली राज का विवाद खत्म नहीं हुआ था कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच के चयन का नया विवाद क्रिकेट जगत के गलियारों में सनसनी मचा रहा है। महिला टीम के मुख्य कोच के चयन पर अब प्रशासकों की समिति (सीओए) के सदस्यों विनोद राय और डायना एडुल्जी के बीच तनातनी बढ़ गई है।

इस तनातनी का प्रभाव इतना बढ़ गया कि पिछले साल अनिल कुबंले द्वारा दिए गए इस्तीफे का विवाद दोबारा खुल गया है और इसमें एडुल्जी ने कप्तान विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर आरोप लगाए हैं।एडुल्जी जहां एक ओर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार को उनके पद पर बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं, वहीं राय इस मामले में उनसे सहमत नहीं हैं।

राय की ओर से मंगलवार को जारी बीसीसीआई की प्रेस विज्ञप्ति में यह घोषणा की गई है कि महिला क्रिकेट टीम के कोच पद के लिए बोर्ड ने एड-हॉक समिति का गठन किया है। इस समिति में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव, अंशुमन गायकवाड और शांता रंगास्वामी शामिल हैं। नए कोच के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू 20 दिसम्बर को लिए जाएंगे।

बीसीसीआई और एडुल्जी को भेजे ई-मेल में राय ने कहा कि वह महिला क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए एड-हॉक समिति के निर्माण का आदेश देने के लिए बाध्य थे और इस मामले में और अनिश्चितता को बढ़ावा नहीं दे सकते थे।

राय के इस फैसले से नाखुश इडुल्जी ने वेबसाइट ‘ईएसपीएन’ को दिए बयान में कहा, “इस समिति का निर्माण मेरी सहमति से नहीं हुआ है। मैं एकपक्षीय फैसलों को स्वीकार नहीं कर सकती। सर्वोच्च न्यायालय ने मुझे समान अधिकार दिए हैं।”

इडुल्जी ने कहा, “एक चेयरमैन के तौर पर वह (राय) एकपक्षीय फैसला नहीं कर सकते हैं। यह बेहद हैरत की बात है कि सीओए के लोकतांत्रिक प्रारूप में केवल एक इंसान के विचारों को ध्यान में रखा जा रहा है और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के अन्य सदस्यों के विचारों का कोई महत्व नहीं है।”

उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच पद पर रमेश पोवार का कार्यकाल 30 नवम्बर को समाप्त हो गया था और इसके बाद बीसीसीआई ने पोवार के करार को बढाने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद यह नया विवाद खड़ा हो गया है।

एडुल्जी ने राय को लिखे ई-मेल में इस बात पर खास जोर दिया था कि पोवार को मुख्य कोच पद पर बरकरार रखना जाना चाहिए, क्योंकि महिला टी-20 क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने भी यहीं अपील की है।